राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी बोले—“गुर्जरों उठो, जागो और दिल्ली की ओर चलो, राजनीतिक हिस्सेदारी का समय आ गया है”
दौसा, राजस्थान, राजस्थान के दौसा जिले में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम फागना के नेतृत्व में राष्ट्रीय एवं प्रदेश प्रतिनिधि परिचय सम्मेलन तथा मेधावी छात्र-छात्राओं का प्रतिभा सम्मान समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों से समाज के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं एवं बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया।
समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रूप सिंह बैंसला, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के.पी. सिंह कसाना, सविंदर भाटी, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष रेनू चौधरी, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष सुंदर चौधरी, गौतमबुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी, इंद्राज सिंह विधूड़ी, रामकेश चपराना, उदित नारायण बैसला, पंकज रोसा, जगवीर दौला एवं अरुण भाटी सहित अनेक राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम स्थल पर अतिथियों का ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और पटका पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। राजस्थान की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप अतिथियों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनफुल तुंगड़ ने की, जबकि संचालन गिरिराज मास्टर ने किया। समारोह का शुभारंभ भगवान देवनारायण जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
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समाज के महापुरुषों के योगदान को किया याद
सम्मेलन में वक्ताओं ने गुर्जर समाज के महान व्यक्तित्वों एवं समाज सुधारकों के योगदान को याद किया। इस दौरान कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट के संघर्ष एवं समाज के प्रति योगदान का विशेष रूप से स्मरण किया गया।
वक्ताओं ने मां पन्नाधाय के त्याग एवं बलिदान का इतिहास की पुस्तकों में उचित एवं विस्तृत उल्लेख किए जाने की मांग भी उठाई। साथ ही समाज से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों एवं वीरों को राष्ट्रीय स्तर पर उचित सम्मान दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
शिक्षा और बेटियों को आगे बढ़ाने पर जोर
समारोह में गुर्जर बाहुल्य क्षेत्रों में बालक-बालिकाओं के लिए उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा विश्वविद्यालय की स्थापना की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, संगठन, सामाजिक एकता और राजनीतिक जागरूकता के माध्यम से ही समाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
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कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वक्ताओं ने युवाओं और बेटियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने तथा उन्हें समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
29 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम पहुंचने का आह्वान
सम्मेलन का प्रमुख केंद्र 29 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित विशाल सामाजिक आयोजन रहा। वक्ताओं ने समाज के लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर अपनी एकजुटता एवं संगठनात्मक शक्ति का परिचय देने की अपील की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी ने जोशीले अंदाज में कहा, “गुर्जरों उठो, जागो और दिल्ली की तरफ चलो। भारतीय राजनीति में अपनी ताकत और एकता का परिचय देने तथा अपनी उचित हिस्सेदारी की आवाज बुलंद करने का समय आ गया है। समाज जब शिक्षित, संगठित और एकजुट होकर आगे बढ़ेगा, तभी उसे उसका उचित सम्मान और अधिकार मिलेगा।”
उनके आह्वान पर उपस्थित लोगों ने 29 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम पहुंचकर आयोजन को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर कन्हैयालाल छावड़ी, प्रहलाद खटाना, महाराज सिंह भाकरोटा, लक्ष्मण सरपंच, भवानी सिंह, हेमराज सिंह, कमल सिंह डोई, धर्मेंद्र वीसी, निरू दड़गस, पवन पटवारी, बच्चू सरपंच, विश्राम सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, पदाधिकारी, युवा, महिलाएं एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
समारोह का समापन शिक्षा के प्रसार, सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक-राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।


