‘पंख स्नेल लेटर राइटिंग’ पहल से बच्चों के सपनों को मिलेगी उड़ान, एसपी ने दिया ‘बैक टू बेसिक्स’ का संदेश
मिशन शक्ति के तहत छात्राओं ने मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र, सुरक्षा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और जनपद विकास से जुड़े साझा किए सुझाव
हाथरस मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत सेठ हरचरन दास गर्ल्स इंटर कॉलेज, हाथरस में छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक श्रीमती अंजुला सिंह माहौर ने की। इस दौरान जिलाधिकारी अतुल वत्स, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा एवं मुख्य विकास अधिकारी पी.एन. दीक्षित सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर उनका अभिनंदन किया।
‘पंख स्नेल लेटर राइटिंग’ पहल की शुरुआत
पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा द्वारा बढ़ते स्क्रीन टाइम के बीच बच्चों और छात्राओं को दोबारा कागज और कलम से जोड़ने के उद्देश्य से ‘पंख स्नेल लेटर राइटिंग’ पहल शुरू की गई है। इस पहल के माध्यम से बच्चों को अपने विचार, भावनाएं, सपने और भविष्य की कल्पनाएं पत्र के माध्यम से व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर शिक्षा, महिला सुरक्षा, जनपद के विकास, अपनी समस्याओं, अपेक्षाओं और भविष्य के सपनों से जुड़े सुझाव साझा किए।
एसपी ने दिया ‘बैक टू बेसिक्स’ का संदेश
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट और डिजिटल तकनीक का दौर है। तकनीक ने सीखने और जानकारी प्राप्त करने के अवसर बढ़ाए हैं, लेकिन इसके साथ किताब पढ़ने और कागज पर लिखने जैसी बुनियादी आदतों को भी बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि “तकनीक के साथ आगे बढ़ना है, लेकिन अपनी बुनियादी क्षमताओं को पीछे नहीं छोड़ना है। इसलिए ‘बैक टू बेसिक्स’ के तहत किताब पढ़ने, कागज पर लिखने और अपने विचारों को स्वयं व्यक्त करने की आदत विकसित करनी चाहिए।”
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एसपी ने छात्राओं को प्रतिदिन कुछ न कुछ लिखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि लेखन से विचारों को व्यवस्थित करने, भावनाओं को समझने, विश्लेषण करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित होती है।
स्क्रीन टाइम कम करने और डिजिटल जागरूकता पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को डिजिटल माध्यमों के संतुलित उपयोग की सलाह देते हुए कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया ज्ञान एवं अवसरों का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर मिलने वाली प्रत्येक जानकारी पर आंख मूंदकर विश्वास नहीं करना चाहिए। जानकारी की सत्यता और स्रोत की जांच करना जरूरी है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल साधन के रूप में करें और इसे अपनी दिनचर्या पर हावी न होने दें। उन्होंने नियमित लेखन को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति के लिए भी महत्वपूर्ण बताया।
महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति के प्रति किया जागरूक
एसपी ने कहा कि महिला एवं बालिका सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न अथवा असुरक्षा की स्थिति में छात्राएं बिना झिझक अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी दें।
उन्होंने छात्राओं को साइबर सुरक्षा और डिजिटल सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया तथा अपने सपनों को कागज पर लिखकर उन्हें पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने का संदेश दिया।
विधायक ने किताब पढ़ने और लेखन की आदत विकसित करने के लिए किया प्रेरित
सदर विधायक श्रीमती अंजुला सिंह माहौर ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि पत्र लेखन विचारों, भावनाओं और रचनात्मकता को व्यक्त करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से किताबें पढ़ने, लाइब्रेरी जाने और लेखन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने छात्राओं को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचने तथा पढ़ाई के साथ-साथ परिवार के कार्यों में माता-पिता का सहयोग करने की सलाह दी। साथ ही गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में संबंधित महिला हेल्पलाइन एवं पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
विधायक ने छात्राओं द्वारा मुख्यमंत्री के नाम लिखे गए पत्रों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया।
डीएम ने छात्राओं से पूछा—एक दिन के लिए डीएम बनें तो क्या बदलेंगी?
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल भाषण देने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्राओं के विचारों, सपनों और अपेक्षाओं को समझने का अवसर है।
उन्होंने छात्राओं से पूछा कि यदि उन्हें एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनने का अवसर मिले तो वे हाथरस में कौन-कौन से बदलाव करना चाहेंगी और मुख्यमंत्री तक कौन-सी बात पहुंचाना चाहेंगी।
जिलाधिकारी ने छात्राओं को नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने तथा संपादकीय पृष्ठ के माध्यम से विभिन्न मुद्दों को समझने की सलाह दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर उपलब्ध सूचनाओं का विश्लेषण करने और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी जानकारी पर विश्वास करने के लिए प्रेरित किया।
छात्राओं ने साझा किए सपने और विकास से जुड़े सुझाव
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए अपने सपने, अपेक्षाएं और समस्याएं साझा कीं। छात्राओं ने जनपद में लॉ कॉलेज की स्थापना सहित विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े सुझाव भी रखे।
मुख्यमंत्री के नाम लिखे गए पत्रों में छात्राओं ने शिक्षा, महिला सुरक्षा, जनपद के विकास, अपने भविष्य के सपनों और समाज में सकारात्मक बदलाव से संबंधित विचारों को अभिव्यक्ति दी।
रसायन विज्ञान प्रयोगशाला का किया भ्रमण
कार्यक्रम के बाद सदर विधायक, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विद्यालय की रसायन विज्ञान प्रयोगशाला का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों ने छात्राओं से संवाद किया और उनके साथ अम्लीय एवं क्षारीय पदार्थों की जांच की प्रक्रिया को समझा।
अधिकारियों ने छात्राओं की वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं प्रयोगात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करते हुए निरंतर सीखने और नई तकनीकों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, शिक्षा, डिजिटल जागरूकता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का संदेश दिया गया। साथ ही ‘पंख स्नेल लेटर राइटिंग’ पहल के जरिए बच्चों और छात्राओं को अपने विचारों एवं सपनों को कागज पर उतारकर उन्हें सकारात्मक दिशा देने के लिए प्रेरित किया गया।


