ई-सिटी बस सेवा से गांवों व सेक्टरों को नहीं जोड़ा तो कैसे मिलेगा महिलाओं को सीएम की घोषणा का लाभ: अशोक चौहान
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे किनारे बसे करीब 35-40 गांवों व सेक्टरों को बस सेवा से जोड़ने की मांग
17 जून को नोएडा प्राधिकरण को दिया था ज्ञापन, अधिकारियों ने जल्द सेवा शुरू कराने का दिया था आश्वासन
अशोक चौहान बोले- ग्रामीणों की जमीन लेकर विकास हुआ, अब परिवहन सुविधा में क्यों किया जा रहा सौतेला व्यवहार
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे गांवों और सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा से नहीं जोड़े जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्राम विकास संगठन नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि एक्सप्रेसवे के आसपास बसे सभी गांवों और सेक्टरों को तत्काल ई-सिटी बस सेवा से जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय निवासियों को आवागमन की सुविधा मिल सके और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी उन्हें मिल सके।
अशोक चौहान ने बताया कि 17 जून 2026 को ग्राम विकास संगठन नोएडा के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय पहुंचकर ओएसडी अरविंद कुमार सिंह एवं क्रांति शेखर को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे गांवों एवं सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा से जोड़ने की मांग की गई थी।
उन्होंने बताया कि रायपुर, बख्तावरपुर, असगरपुर, गढ़ी शाहपुर, शाहपुर गोवर्धनपुर, सुलतानपुर, नंगली शाखपुर, नंगली नंगला, नंगली वाजिदपुर, छपरौली बांगर, दोस्तपुर मंगरौली, याकूबपुर, दल्लूपुरा, मोहियापुर, गुलावली, झट्टा, बादौली, कामबक्शपुर, कोंडली, गढ़ी समस्तीपुर समेत कई गांव तथा सेक्टर-126 से 135 और सेक्टर-151 से 168 के बीच के क्षेत्र अभी तक ई-सिटी बस सेवा से पर्याप्त रूप से नहीं जुड़े हैं।
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चारों प्रस्तावित रूट में गांवों और सेक्टरों को नहीं किया गया शामिल
अशोक चौहान का आरोप है कि ई-सिटी बस सेवा के लिए तैयार किए गए चार रूटों में उपरोक्त गांवों और सेक्टरों को शामिल नहीं किया गया है। जबकि नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अन्य क्षेत्रों में ई-सिटी बस सेवा शुरू की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि पिछले करीब 10 वर्षों से ग्रामीण और सेक्टर निवासी ग्राम चौपाल तथा ‘नोएडा आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार सिटी बस सेवा शुरू करने की मांग करते रहे हैं। अब जब नोएडा शहर में ई-सिटी बस सेवा शुरू हो गई है, तब एक्सप्रेसवे किनारे बसे गांवों और सेक्टरों को इससे वंचित रखना ग्रामीणों के साथ भेदभाव जैसा है।
अधिकारियों ने पत्र भेजकर जल्द सेवा शुरू कराने का दिया था आश्वासन
अशोक चौहान ने बताया कि 17 जून को समस्या सुनने के बाद नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी अरविंद कुमार सिंह एवं क्रांति शेखर ने महाप्रबंधक सिविल एसपी सिंह को पत्र भेजकर संबंधित गांवों और सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए थे। अधिकारियों की ओर से जल्द सेवा शुरू कराने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जमीन लेकर नोएडा का विकास किया गया है। ऐसे में परिवहन जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने में गांवों और सेक्टरों की अनदेखी क्यों की जा रही है। उन्होंने प्राधिकरण से मांग की कि सभी प्रभावित गांवों और सेक्टरों को प्राथमिकता के आधार पर ई-सिटी बस सेवा से जोड़ा जाए।
सीएम की मुफ्त बस यात्रा योजना का लाभ कैसे मिलेगा?
अशोक चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं और उनके साथ एक साथी के लिए तथा 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए बस सेवा में निःशुल्क यात्रा की घोषणा की गई है। ऐसे में यदि करीब 35-40 गांवों और सेक्टरों में ई-सिटी बस सेवा ही उपलब्ध नहीं है, तो वहां की महिलाओं को इस योजना का वास्तविक लाभ कैसे मिलेगा?
उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों के निवासियों में नोएडा प्राधिकरण के प्रति आक्रोश और निराशा है। बार-बार अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन और पत्र दिए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री और नोएडा प्राधिकरण से मांग की कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे सभी गांवों और संबंधित सेक्टरों को ई-सिटी बस सेवा से तत्काल जोड़ा जाए, ताकि महिलाओं, बुजुर्गों, छात्रों, कामगारों और आम नागरिकों को सुगम एवं सस्ती परिवहन सुविधा मिल सके।


