अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश पर कार्रवाई, मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ रुपये
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को गांव भनौता में प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया और करीब 20 हजार वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। प्राधिकरण के अनुसार मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ रुपये है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जे और निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुपालन में प्राधिकरण की टीम लगातार अभियान चलाकर अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई कर रही है।
प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने बताया कि गांव भनौता के खसरा संख्या 282 और 283 की जमीन पर कुछ कॉलोनाइजर अवैध निर्माण कर कॉलोनी बसाने की तैयारी कर रहे थे। सूचना मिलने पर परियोजना विभाग की टीम ने कार्रवाई की।
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परियोजना विभाग के उप महाप्रबंधक विजय कुमार रावल के नेतृत्व में वर्क सर्कल-2 के मैनेजर रोहित गुप्ता एवं अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम सुरक्षा कर्मियों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया और करीब 20 हजार वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए उसे प्राधिकरण के कब्जे में ले लिया।
बिसरख के डूब क्षेत्र में भी कार्रवाई
इससे पहले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिसरख के डूब क्षेत्र में भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की थी। प्राधिकरण की टीम ने खसरा संख्या 135 और 153 की करीब 5 हजार वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। यह कार्रवाई परियोजना विभाग के वर्क सर्कल-3 के प्रभारी प्रभात शंकर के नेतृत्व में की गई।
अवैध कॉलोनियों में पैसा लगाने से बचें : एसीईओ
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण या प्लॉटिंग करने की अनुमति नहीं है। प्राधिकरण अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई करता रहेगा।
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उन्होंने लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर जमीन और उसके भू-उपयोग से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। उन्होंने कहा कि लोग अवैध कॉलोनियों के झांसे में न आएं और अपनी मेहनत की कमाई ऐसी संपत्तियों में निवेश करने से बचें।


