जेवर तहसील पर किसानों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना, अशोक भाटी बोले—“समस्या का समाधान नहीं तो घर वापसी नहीं”
वादाखिलाफी से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन, भूमि अधिग्रहण, आबादी निस्तारण, मुआवजा और खुर्जा कट पर सीढ़ियों समेत कई मांगें उठाईं
जेवर/गौतमबुद्धनगर प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए किसानों ने सोमवार को जेवर तहसील प्रांगण में पंचायत के बाद धरना शुरू कर दिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
पंचायत का आयोजन पवन चोरोली के नेतृत्व में किया गया, जिसकी अध्यक्षता रामकिशन चौधरी ने की तथा संचालन गौरव शर्मा द्वारा किया गया। पंचायत में मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय किसान यूनियन गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी, दादरी जिलाध्यक्ष मनोज मावी, विपिन प्रधान, अनिल खारी सहित बड़ी संख्या में किसान नेता एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पंचायत में किसानों ने वर्षों से लंबित खुर्जा कट पर सीढ़ियों के निर्माण, जेवर टोल पर स्थानीय क्षेत्रवासियों को आधार कार्ड के आधार पर निशुल्क आवागमन, भूमि अधिग्रहण, आबादी निस्तारण और मुआवजे से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
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किसानों की समस्याओं पर वार्ता के लिए प्रशासन एवं संबंधित विभागों की ओर से एसडीएम अभिषेक शाही, एसीपी जेवर राजीव कुमार सिसोदिया, तहसीलदार प्रतीक चौहान, जेवर कोतवाली प्रभारी अजय कुमार तथा जेवर टोल से अनुज कुमार सहित अन्य अधिकारी पंचायत स्थल पर पहुंचे। किसान प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच विभिन्न मांगों को लेकर विस्तृत वार्ता हुई।
हालांकि, वार्ता के बाद किसान प्रतिनिधि संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक किसानों की प्रमुख मांगों का ठोस और धरातल पर समाधान नहीं होता, तब तक धरना जारी रखा जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर तहसील और प्रशासनिक कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 अगस्त को निकाली गई ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा के दौरान कुछ मांगों पर कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन बाद में प्रशासन द्वारा कार्य दोबारा बंद करा दिया गया। इससे किसानों में भारी रोष है।
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अशोक भाटी ने कहा कि किसान अब केवल आश्वासन के भरोसे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे। किसानों को कागजों में नहीं बल्कि धरातल पर समस्याओं का समाधान चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“समस्या का समाधान नहीं तो घर वापसी नहीं।”
उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें वर्षों से लंबित हैं और अब उन्हें टालने के बजाय संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से समाधान करना चाहिए। जब तक किसानों को ठोस राहत नहीं मिलती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
इस दौरान राजू प्रधान, प्रदीप चौधरी, धम्मा सिंह, रविंद्र सिंह, बच्चू प्रधान, महेंद्र सिंह, महाशय चंद्रपाल, राजू नंबरदार, रामकुमार शर्मा, कुलबीर सरपंच, राकेश सिंह, लोकेश चौधरी, जगदत्त शर्मा, वीरू चौधरी, श्री पहलवान, सचिन अवाना, धीरेंद्र भाटी टीनू, अनूप नागर, राजवीर भाटी, चमन भाटी, मनवीर भाटी, मनोज अवाना सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


