यूपी की 25 करोड़ आबादी चुनौती नहीं, बड़ी संभावना: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित
मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ पुस्तिका का किया विमोचन, स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ
बोले- दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा वर्कफोर्स यूपी में, ‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं
लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ से अधिक आबादी किसी चुनौती से कम नहीं, बल्कि प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत और संभावना है। दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा वर्कफोर्स उत्तर प्रदेश में मौजूद है। सरकार का दायित्व है कि युवाओं की प्रतिभा को उचित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराकर उसे अवसरों से जोड़े। उन्होंने कहा कि जितनी बड़ी चुनौती होती है, उतनी ही बड़ी संभावना भी होती है। उत्तर प्रदेश की आबादी को हम ‘डेमोग्राफिक डिविडेंड’ के रूप में देखते हैं और स्किलिंग के माध्यम से इसकी क्षमता का देश व प्रदेश के विकास में उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक तथा 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करने के बाद युवा उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026’ पुस्तिका का विमोचन तथा ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन पोर्टल’ का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में लघु फिल्म के माध्यम से प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम की उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया।
देश में 500 से बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हुए स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भारत में केवल करीब 500 स्टार्टअप थे, जबकि आज देश में इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है। स्टार्टअप इकोसिस्टम ने देश के युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। उत्तर प्रदेश में भी वर्ष 2017 से पहले महज 120 स्टार्टअप थे, लेकिन सरकार की सकारात्मक नीतियों और अनुकूल वातावरण के चलते आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। प्रदेश में 8 यूनिकॉर्न भी हैं।
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उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स और 9 इनक्यूबेटर्स को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही 12 नए इनक्यूबेटर्स को भी मान्यता प्रदान की जा रही है।
‘बीमारू यूपी’ से देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्था तक का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान अव्यवस्था, खराब कानून-व्यवस्था और नकारात्मक वातावरण से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में रोजगार, इनोवेशन, स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन जैसे विषयों पर चर्चा करना भी किसी सपने से कम नहीं था।
उन्होंने कहा कि उस दौर में न प्रभावी नीतियां थीं और न ही सरकार की इच्छाशक्ति। परिणामस्वरूप अनंत संभावनाओं वाला उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी में पहुंच गया था। वर्तमान सरकार ने सकारात्मक नीतियों और बेहतर कानून-व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश में ऐसा वातावरण तैयार किया, जिसमें निवेश, रोजगार, शिक्षा, इनोवेशन और स्टार्टअप को तेजी मिली।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, महिला वर्कफोर्स की भागीदारी और बड़े उद्योगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कभी देश की अर्थव्यवस्था में पिछड़ने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आधे स्टार्टअप का संचालन कर रही ‘आधी आबादी’
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के करीब आधे स्टार्टअप्स का संचालन महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। यह महिला सशक्तीकरण और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर को दर्शाता है। सरकार ने आईआईटी कानपुर, बीएचयू, ट्रिपल आईटी, एकेटीयू और आईआईएम जैसे संस्थानों से आने वाले प्रस्तावों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक सहयोग और फंड उपलब्ध कराया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में स्टार्टअप इकोसिस्टम को गति देने के लिए सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था की गई थी। आवश्यकता पड़ने पर इस फंड को और बढ़ाया जाएगा।
इनोवेशन और रिसर्च को मिलेगा और बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षण संस्थानों से पारंपरिक पाठ्यक्रमों तक सीमित न रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और संस्थानों में इनोवेशन तथा रिसर्च के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जाना चाहिए। सरकार ने इनोवेशन और रिसर्च की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालयों को अलग से फंड उपलब्ध कराया है।
उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू और एसजीपीजीआई सहित कई संस्थान मेडटेक, ड्रोन टेक्नोलॉजी, एग्रीटेक और अन्य उभरती तकनीकों के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित कर रहे हैं। सरकार क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन और डीपटेक जैसे क्षेत्रों में हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है। प्रदेश में एक दर्जन से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के संचालन एवं निर्माण की प्रक्रिया चल रही है।
भारत के कुल स्टार्टअप्स में यूपी की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की कुल आबादी में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब एक-छठे की है, जबकि देश के कुल स्टार्टअप्स में प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग एक-दसवें हिस्से की है। इसलिए लक्ष्य होना चाहिए कि देश के कुल स्टार्टअप इकोसिस्टम में यूपी की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक पहुंचे।
उन्होंने प्रदेश के स्टार्टअप्स और डीपटेक के क्षेत्र में काम कर रहे उद्यमियों से इकोसिस्टम को और मजबूत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करेगी।
‘यूपी में संभावनाएं देश-दुनिया में सबसे अधिक’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब पॉलिसी पैरालिसिस से बाहर निकल चुका है। प्रदेश में निवेश, उद्योग और स्टार्टअप के लिए समर्पित नीतियां मौजूद हैं। भूमि, सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में भी सरकार ने बेहतर वातावरण तैयार किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग हर क्षेत्र में इतनी संभावनाएं हैं, जितनी देश और दुनिया के किसी अन्य हिस्से में एक साथ उपलब्ध नहीं हैं।
सरकार स्टार्टअप्स को लीज पर जमीन उपलब्ध कराने और प्लग एंड प्ले मॉडल पर स्थान उपलब्ध कराने में भी सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उद्यमी आगे बढ़ें, सरकार उनके हर कदम को प्रोत्साहित करेगी।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी, युवा उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि और उद्योग जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे।


