राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. रमेश कसाना के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने पंचायत में पहुंचकर जताई एकजुटता
दनकौर, गांव रीलखा में किसानों की आबादी की जमीन से जुड़े मुद्दे को लेकर चल रही पंचायत में सोमवार को किसान एकता महासंघ ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. रमेश कसाना के नेतृत्व में सैकड़ों किसान एवं संगठन के पदाधिकारी पंचायत में पहुंचे और किसानों की मांगों के समर्थन में एकजुटता जताई।
इस दौरान किसान एकता महासंघ के जिला अध्यक्ष एवं संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से किसानों की पुश्तैनी आबादियों को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उनका आरोप है कि रीलखा गांव में किसान लंबे समय से अपनी जमीन पर मकान आदि बनाकर रह रहे हैं और उनकी आबादी की जमीन पर उनका कब्जा एवं निवास लंबे समय से चला आ रहा है।
संगठन पदाधिकारियों के अनुसार, किसानों का आरोप है कि रीलखा गांव की आबादी की जमीन को ACE बिल्डर को आवंटित कर दिया गया है, जबकि संबंधित किसानों ने अपनी जमीन का मुआवजा तक नहीं उठाया है। किसानों ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्राधिकरण से पूरे मामले का समाधान करने और किसानों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
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किसान एकता महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं और उनके अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि रीलखा गांव के किसानों की समस्या का समाधान होने तक संगठन किसानों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी उनके आंदोलन में सहयोग करेगा।
चौ. रमेश कसाना ने कहा कि किसानों की पुश्तैनी आबादी और उनके घर-परिवार से जुड़े मामलों का समाधान संवाद और नियमानुसार किया जाना चाहिए। किसानों की समस्याओं का समाधान किए बिना किसी भी प्रकार की कार्रवाई को लेकर संगठन किसानों की आवाज उठाता रहेगा।
पंचायत में मौजूद किसानों ने किसान एकता महासंघ के समर्थन का स्वागत किया और अपनी मांगों को लेकर एकजुट रहने का संकल्प लिया। इस दौरान सैकड़ों किसान एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
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