बोले व्यापारी,अतिरिक्त शुल्क से बढ़ेगा आर्थिक बोझ, डिजिटल भुगतान से लौट सकते हैं नकदी की ओर
इटावा। 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.04 प्रतिशत ट्रांजैक्शन शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों एवं व्यापारियों ने जिलाधिकारी इटावा के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वेश सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित एवं जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार कठेरिया के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने कहा कि कारोबारी पहले से ही विभिन्न प्रकार के करों एवं शुल्कों का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में UPI लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा। व्यापारियों ने आशंका जताई कि इसका असर कारोबार पर पड़ सकता है और बाजार में मंदी की स्थिति उत्पन्न होने के साथ सरकार के राजस्व पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने की अपील
व्यापारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी के आह्वान पर देश के छोटे-बड़े व्यापारियों ने UPI भुगतान व्यवस्था को व्यापक रूप से अपनाया है। गली-मोहल्लों के छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारी तक आज डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने लेनदेन को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाया है। ऐसे समय में UPI लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से व्यापारियों और ग्राहकों दोनों पर आर्थिक असर पड़ सकता है।
शुल्क लगा तो नकदी की ओर लौटने की आशंका
व्यापारियों ने कहा कि UPI पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलने के बजाय व्यापारी और ग्राहक दोबारा नकद लेनदेन की ओर रुख कर सकते हैं। इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयास प्रभावित होने की आशंका है।
संगठन ने सरकार से मांग की कि व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित UPI ट्रांजैक्शन शुल्क को वापस लेने के निर्देश जारी किए जाएं तथा डिजिटल लेनदेन को नि:शुल्क, सुरक्षित और सरल बनाए रखा जाए।
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बड़ी संख्या में व्यापारी रहे मौजूद
ज्ञापन देने वालों में जिला उपाध्यक्ष हाजी शेख आफताब, अशोक जाटव, हाजी हन्नान मंसूरी, चमन वारसी, युवा जिलाध्यक्ष रियाज अब्बासी, युवा शहर अध्यक्ष सोनू अग्रवाल, उद्योग मंच जिला अध्यक्ष राहुल दीक्षित, बढ़पुरा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, मंडी अध्यक्ष ईबादुर्हमान, उद्योग मंच महामंत्री धर्मेन्द्र प्रजापति, सिकंदर वारसी, ताहा शालीमार, लाइन पार शहर उपाध्यक्ष बृजेश राठौर, युवा जिला उपाध्यक्ष शेख नबाब, धर्मेन्द्र यादव, हफीज खान, लखन सोनी, आफताब खान, रेडीमेड एसोसिएशन अध्यक्ष देव गुप्ता, मुदित दीक्षित, आमिर एवं हिमांशु श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से व्यापार हित में प्रस्तावित शुल्क पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने तथा डिजिटल भुगतान व्यवस्था को पूर्व की तरह सुगम बनाए रखने की मांग की।


