यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के धरना स्थल पर न पहुंचने से किसानों में नाराजगी, आबादी निस्तारण समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन जारी
दनकौर। डूंगरपुर रीलका गांव के समीप क्षेत्रीय किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार, 8 अक्टूबर को चौथे दिन भी जारी रहा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक धरना लगातार जारी रहेगा।
धरने की अध्यक्षता चरण सिंह ने की, जबकि संचालन जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा ने किया। किसानों ने बताया कि क्षेत्र के किसान 5 अक्टूबर से दनकौर अनाज मंडी के समीप अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि चार दिन बीत जाने के बावजूद यमुना प्राधिकरण का कोई अधिकारी किसानों की समस्याएं सुनने के लिए धरना स्थल पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों में रोष है।
किसानों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में आबादी का निस्तारण, शिफ्टिंग के प्लॉट उपलब्ध कराना तथा गांव के चारों ओर लाल डोरा निर्धारित करना शामिल है। किसानों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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धरना स्थल पर किसानों ने जल्द ही महापंचायत आयोजित करने की घोषणा करने की बात कही। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
गुरुवार को किसानों के धरने को भारतीय किसान यूनियन राजनीतिक मंच ने भी समर्थन दिया। संगठन के बॉबी नागर के नेतृत्व में सैकड़ों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों की मांगों का समर्थन किया। वहीं भारतीय किसान यूनियन भानु के जिला अध्यक्ष राजकुमार नागर भी अपने साथियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
किसानों ने बताया कि इससे पहले भी कई किसान संगठनों द्वारा धरने को समर्थन दिया जा चुका है। आंदोलनरत किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
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इस मौके पर किसान एकता महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश कसाना, किसान यूनियन अराजनीतिक के जिला अध्यक्ष दया प्रधान, रामवीर सिंह, हेमराज कसाना, नीरज कसाना, अतर सिंह प्रधान, सरजीत कसाना, पीतम सिंह, उधम कसाना, श्याम सिंह, प्रेम सिंह, पंकज कसाना, प्रताप कसाना, प्रकाश कसाना, बलजीत हवलदार, रविंद्र कसाना सहित सैकड़ों किसान एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।


