राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, SIR प्रक्रिया रद्द करने समेत मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग
गौतमबुद्ध नगर, 8 अक्टूबर 2026। ‘लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत गुरुवार को सूरजपुर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), सीटू, जनवादी महिला समिति, अखिल भारतीय किसान सभा एवं विभिन्न जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी ‘लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों, मतदाता सूची की पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते रहे।
प्रदर्शन के बाद विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे रद्द करने, मतदाता सूची से हटाए गए नामों की समीक्षा करने, पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने तथा चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना प्रत्येक पात्र नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं रह पाए। वक्ताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनवरी 2026 की मसौदा मतदाता सूची में पिछली सूची की तुलना में लगभग 2.89 करोड़ नाम कम दर्ज थे, हालांकि बाद में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम पुनः जोड़े गए।
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ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया ऐसी हो, जिसमें किसी भी पात्र नागरिक को दस्तावेजी कठिनाइयों या प्रक्रिया की जटिलता के कारण मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े। साथ ही नए मतदाताओं के पंजीकरण को सरल बनाने और मतदाता सूची के निरंतर अद्यतन एवं पारदर्शिता की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने तथा निर्वाचन आयुक्तों की जवाबदेही से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता, मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सर्वोच्च महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है।
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किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. रूपेश वर्मा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं एवं किसान सभा के अनेक कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान सीपीएम जिला सचिव रामसागर, सीपीआई नेता कामरेड बृजेश कुमार, सीटू जिलाध्यक्ष मुकेश कुमार, महामंत्री रामस्वारथ, अशोक कुमार, जनवादी महिला समिति की नेता आशा यादव और रेखा चौहान सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े सवालों पर संघर्ष आगे भी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने मतदाता अधिकारों की रक्षा, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
प्रमुख रूप से मौजूद रहे
डॉ. रूपेश वर्मा, अध्यक्ष किसान सभा; रामसागर, जिला सचिव सीपीएम; कामरेड बृजेश कुमार, सीपीआई; मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष सीटू; रामस्वारथ, महामंत्री सीटू; अशोक कुमार; आशा यादव; रेखा चौहान सहित किसान सभा, सीपीएम, सीपीआई, सीटू, जनवादी महिला समिति एवं अन्य जनसंगठनों के नेतागण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


