भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील रद्द करने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन महासभा ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
रबूपुरा, गौतमबुद्ध नगर , भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में भारतीय किसान यूनियन महासभा ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर ट्रेड डील को तत्काल रद्द करने की मांग की। संगठन का कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम जनता के हितों के प्रतिकूल साबित हो सकता है।
भारतीय किसान यूनियन महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर गीता भाटी ने बताया कि 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित संयुक्त किसान महापंचायत में संगठन की भागीदारी प्रस्तावित थी, लेकिन महापंचायत से एक दिन पूर्व उन्हें रबूपुरा पुलिस द्वारा उनके राष्ट्रीय कार्यालय एवं आवास पर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। पुलिस दो दिनों तक उनके आवास पर तैनात रही, जिसके कारण संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता दिल्ली नहीं जा सके।
इसी दौरान रबूपुरा थाना प्रभारी श्याम बाबू शुक्ला एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी राष्ट्रीय कार्यालय एवं आवास पहुंचे, जहां भारतीय किसान यूनियन महासभा की ओर से भारत के माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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ज्ञापन में कहा गया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील लागू होने की स्थिति में कृषि क्षेत्र, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था, सरकारी खरीद, डेयरी, गन्ना, गेहूं, धान, दलहन, फल, सब्जियां सहित अन्य कृषि उत्पादों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। संगठन ने कहा कि यह समझौता देश की खाद्य सुरक्षा एवं आत्मनिर्भर कृषि व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकता है।
भारतीय किसान यूनियन महासभा ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रस्तावित ट्रेड डील को तत्काल निरस्त किया जाए तथा किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व किसान संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श सुनिश्चित किया जाए।
संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए उसका संघर्ष लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में आगे भी जारी रहेगा तथा किसानों की आवाज हर स्तर पर मजबूती से उठाई जाती रहेगी।
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