कांवड़ यात्रा एप पर रूट मैप से लेकर मंदिर, भोजन, शौचालय और चिकित्सा सेवाओं की जानकारी; फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स से मिल रही पल-पल की अपडेट
उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अब आस्था के साथ तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के संगम का उदाहरण बन रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिवभक्तों की सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा के लिए प्रदेशभर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ यात्रा एप के जरिए श्रद्धालुओं को एक क्लिक पर यात्रा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
एप पर कांवड़ियों को रूट मैप, मंदिर, शौचालय, चिकित्सा केंद्र, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी मिल रही है। शिकायत अथवा आपात स्थिति में भी एप के माध्यम से तत्काल सहायता प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। एप को फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स से भी जोड़ा गया है, जिससे श्रद्धालुओं तक यात्रा से जुड़ी आवश्यक और ताजा जानकारी लगातार पहुंच रही है।
मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ समेत प्रदेश के प्रमुख कांवड़ यात्रा मार्गों पर प्रशासनिक अमला लगातार सक्रिय है। स्वास्थ्य, पेयजल, भोजन, शौचालय, आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारी नियमित रूप से निगरानी कर रहे हैं। कंट्रोल रूम के जरिए यात्रा मार्गों पर नजर रखी जा रही है, जबकि अधिकारी देर रात तक औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
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बागपत में 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इस्तेमाल किया एप
बागपत में कांवड़ यात्रा एप श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के अनुसार, जिले में अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु एप का इस्तेमाल कर चुके हैं। एप के माध्यम से कांवड़ियों को यात्रा मार्ग और रास्ते में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल रही है, जिससे उन्हें सुविधा तलाशने के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है।
प्रशासन के अनुसार, बागपत में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखते हुए भोजन और स्वास्थ्य सहित विभिन्न व्यवस्थाएं की गई हैं। कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की संख्या और यात्रा के दबाव के अनुरूप सुविधाओं को तैयार किया गया है।
महिला कांवड़ियों के लिए महिला डॉक्टरों वाली बाइक एंबुलेंस
कांवड़ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। बागपत में महिला डॉक्टरों से लैस बाइक एंबुलेंस तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर ये बाइक एंबुलेंस कांवड़ मार्ग पर तेजी से पहुंचकर महिला श्रद्धालुओं को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा सकेंगी।
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जिलाधिकारी के अनुसार, बागपत में 20 निजी अस्पतालों में यात्रियों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके अलावा 35 स्वास्थ्य कैंप भी तैयार किए गए हैं, ताकि यात्रा मार्ग पर किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
कांवड़ यात्रा में शामिल बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। यात्रा मार्ग पर व्हीलचेयर और ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है, जिससे ऐसे श्रद्धालुओं को लंबी दूरी तय करने में सहूलियत मिल सके।
इसके साथ ही पूरे प्रदेश में कांवड़ मार्गों पर भोजन, पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
गाजियाबाद में कंट्रोल रूम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी
गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक देर रात तक कांवड़ मार्गों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
अधिकारियों द्वारा भोजन व्यवस्था, विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध सुविधाओं और यात्रा मार्ग की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। नगर आयुक्त ने कांवड़ यात्रा से जुड़े अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। कंट्रोल रूम के माध्यम से यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी समस्या की जानकारी मिलते ही संबंधित टीम को तत्काल सक्रिय किया जा सके।
कांवड़ मार्ग की दीवारों पर दिख रहा ‘हर-हर महादेव’ का रंग
गाजियाबाद में कांवड़ मार्ग को सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के साथ ही शिवमय स्वरूप भी दिया गया है। मार्ग की दीवारों पर भगवान शिव और कांवड़ यात्रा से जुड़ी कलाकृतियां बनाई गई हैं। इससे कांवड़ मार्ग पर कला और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।
शिवभक्तों के स्वागत के लिए तैयार किए गए मार्गों पर जगह-जगह धार्मिक रंग दिखाई दे रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है।
सुरक्षा, सुविधा और तकनीक पर एक साथ फोकस
इस बार कांवड़ यात्रा में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के साथ तकनीक के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया गया है। कांवड़ यात्रा एप श्रद्धालुओं और प्रशासन के बीच सीधे संपर्क का प्रभावी माध्यम बन रहा है। मोबाइल पर यात्रा संबंधी जरूरी जानकारी मिलने के साथ ही कंट्रोल रूम और फील्ड में तैनात अधिकारी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से किए गए इन हाईटेक और जमीनी इंतजामों का उद्देश्य यही है कि शिवभक्त सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक तरीके से अपनी कांवड़ यात्रा पूरी कर सकें।






