जीएनआईओटी में ‘यंत्रोदय 2K26’ से नवप्रवेशी यांत्रिक विद्यार्थियों का अभिनंदन
उद्योग विशेषज्ञ अभिषेक जैन ने विद्यार्थियों को दिया नवाचार, कौशल और उद्यमिता का संदेश
ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (GNIOT) के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा TechMechanizer’s के सहयोग से नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत एवं मार्गदर्शन के लिए ‘यंत्रोदय 2K26 – यांत्रिक प्रतिभा का उदय’ विषय पर भव्य अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को यांत्रिक अभियांत्रिकी के व्यापक क्षेत्र, औद्योगिक संभावनाओं और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों से परिचित कराना रहा।
कार्यक्रम में एयरफ्लो प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक, इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन के सचिव एवं ASHRAE India Chapter के अध्यक्ष श्री अभिषेक जैन मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यांत्रिक अभियांत्रिकी केवल मशीनों के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक औद्योगिक एवं तकनीकी विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एक सफल यांत्रिक अभियंता बनने के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, समस्या समाधान क्षमता, नवाचार, नेतृत्व, संचार कौशल और औद्योगिक आवश्यकताओं की समझ विकसित करनी होगी।
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“कक्षा से प्रयोगशाला और प्रयोगशाला से उद्योग तक पहुंचें विद्यार्थी”
श्री अभिषेक जैन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रत्येक विषय को केवल परीक्षा की दृष्टि से नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के रूप में समझना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और सतत अभियांत्रिकी जैसी उभरती तकनीकों से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि “एक सफल अभियंता वही है, जो समस्या को पहचानने के साथ-साथ उसका सरल, सुरक्षित, किफायती और नवाचारी समाधान प्रस्तुत कर सके।”
उद्यमिता और नवाचार पर विशेष जोर
मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों को केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित न रहने, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बनने की दिशा में सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय का समय तकनीकी क्षमता, रचनात्मक सोच और नेतृत्व कौशल विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
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उन्होंने विद्यार्थियों को “सीखो, प्रयोग करो, नवाचार करो और नेतृत्व करो” का संदेश देते हुए निरंतर सीखने और बदलती तकनीक के साथ स्वयं को अपडेट रखने की प्रेरणा दी।
उद्योग से जुड़ाव को बताया जरूरी
श्री जैन ने उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को औद्योगिक विशेषज्ञों से संवाद, औद्योगिक भ्रमण, प्रशिक्षण, परियोजनाओं और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से वास्तविक औद्योगिक वातावरण को समझना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेशेवर संस्थाओं से जुड़ाव विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ उद्योग की नवीनतम प्रवृत्तियों और व्यावसायिक नेटवर्किंग के बेहतर अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम संयोजक ने किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम का समन्वयन श्री गगन वार्ष्णेय ने किया। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यावहारिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने उद्योग विशेषज्ञ श्री अभिषेक जैन के अनुभवों और मार्गदर्शन को अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि ‘यंत्रोदय 2K26’ के माध्यम से नई पीढ़ी के यांत्रिक अभियंता तकनीकी दक्षता, नवाचार, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर होंगे।


