तीन महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद चुनाव की तारीख और मतदाता सूची घोषित नहीं होने पर जताई नाराजगी, डीड राइटर्स के लाइसेंस न मिलने का मुद्दा भी उठाया
ग्रेटर नोएडा। बार एसोसिएशन के चुनाव में हो रही देरी और डीड राइटर्स के नवीनीकृत लाइसेंस उपलब्ध नहीं कराए जाने के विरोध में बार के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा ने बुधवार सुबह 11:30 बजे से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उन्होंने मांग की कि बार चुनाव की तिथि तत्काल घोषित की जाए और डीड राइटर्स को उनके नवीनीकृत लाइसेंस उपलब्ध कराए जाएं। धरने को बार के कई पूर्व पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने समर्थन दिया।
विजय कुमार शर्मा के अनुसार, बार का चुनाव एक वर्ष के कार्यकाल के लिए होता है और इस बार चुनाव 26 जुलाई 2026 तक होने की उम्मीद थी। उनका कहना है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी अब तक चुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई है। न ही मतदाता सूची जारी की गई है और न ही मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव में लगातार हो रही देरी से अधिवक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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तीन महीने से अधिक की देरी, चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग
धरने पर बैठे पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार शर्मा ने कहा कि बार में पिछले लगभग 25 वर्षों से चुनाव की परंपरा रही है और आमतौर पर समय पर चुनाव होते रहे हैं। उनके अनुसार, इस बार निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी चुनाव प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक चुनाव की तारीख की ठोस घोषणा नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से मांग की कि मतदाता सूची तैयार करने और सत्यापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा बिना अनावश्यक देरी के चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाए।
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डीड राइटर्स के लाइसेंस का मुद्दा भी उठाया
विजय कुमार शर्मा ने बताया कि बार से जुड़े 200 से अधिक डीड राइटर्स के लाइसेंस के नवीनीकरण का मामला भी लंबित है। उनके अनुसार, डीड राइटर्स ने तीन वर्ष के नवीनीकरण के लिए निर्धारित शुल्क की रसीद कटवाई थी, लेकिन लगभग छह से सात महीने बीतने के बाद भी उन्हें अपेक्षित अवधि के लाइसेंस नहीं मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन वर्ष के नवीनीकरण की बात कहे जाने के बावजूद अब एक वर्ष के नवीनीकरण की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने मांग की कि डीड राइटर्स को उनके नवीनीकृत लाइसेंस जल्द उपलब्ध कराए जाएं और इस मामले में स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि उन्हें अपने कामकाज में परेशानी का सामना न करना पड़े।
पूर्व अध्यक्ष अजय शर्मा ने दिया समर्थन
बार के पूर्व अध्यक्ष एवं फाउंडर प्रेसिडेंट अजय शर्मा ने विजय कुमार शर्मा के धरने का समर्थन करते हुए कहा कि बार में प्रतिवर्ष चुनाव कराने की परंपरा रही है। उनके अनुसार, वर्तमान कार्यकारिणी का निर्धारित कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव की तारीख घोषित करने की दिशा में अब तक ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।
अजय शर्मा ने कहा कि डीड राइटर्स के लाइसेंस का मामला भी गंभीर है। उनके अनुसार, नवीनीकरण के लिए शुल्क जमा कराने के बाद भी संबंधित लोगों को समय पर लाइसेंस नहीं मिले हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक चुनाव की तारीख घोषित नहीं होती, तब तक वे विजय कुमार शर्मा के साथ खड़े रहेंगे।
अधिवक्ताओं ने लोकतांत्रिक परंपराओं का हवाला देकर उठाई आवाज
वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र नागर ने भी धरने को समर्थन देते हुए कहा कि बार में चुनाव समय पर कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वस्थ परंपराओं के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज दूसरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए बार की आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में भी पारदर्शिता और समयबद्धता होनी चाहिए।
उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष से अपील की कि चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जल्द से जल्द तारीख घोषित की जाए। उन्होंने कहा कि विजय कुमार शर्मा की मांगों का समर्थन करते हुए वे चुनाव की घोषणा होने तक उनके साथ सहयोग करेंगे।
धरने को बार के पूर्व पदाधिकारियों और अन्य अधिवक्ताओं ने भी समर्थन दिया। समर्थकों ने कहा कि चुनाव की तिथि घोषित करने और डीड राइटर्स के लाइसेंस संबंधी समस्या का समाधान करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को शीघ्र कदम उठाने चाहिए।
दो प्रमुख मांगों को लेकर जारी रहेगा धरना
धरने पर बैठे विजय कुमार शर्मा और उनके समर्थकों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांगें हैं—बार चुनाव की तारीख तत्काल घोषित की जाए और डीड राइटर्स को उनके नवीनीकृत लाइसेंस उपलब्ध कराए जाएं। विजय कुमार शर्मा ने कहा कि जब तक चुनाव की तारीख को लेकर ठोस घोषणा नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
फिलहाल, इस मामले में वर्तमान बार कार्यकारिणी का पक्ष और चुनाव कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।


