भड़ौली गांव के एक घर के दरवाजे पर लिखे संदेश ने जीता ग्राम पाठशाला का दिल, शिक्षा के प्रति समर्पण की हो रही सराहना
ग्राम पाठशाला के आह्वान को मिला ग्रामीणों का सम्मान, हर गांव में निःशुल्क पुस्तकालय स्थापित करने के संकल्प को मिली नई प्रेरणा
मेरठ। जिले के भड़ौली गांव में एक घर के मुख्य द्वार पर लिखे संदेश ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और पुस्तकालयों के महत्व को लेकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम पाठशाला के प्रति सम्मान और उसके उद्देश्य के समर्थन में लिखे गए इन संदेशों ने संस्था से जुड़े लोगों का दिल जीत लिया। ग्राम पाठशाला ने इस स्नेह, सम्मान और विश्वास के लिए श्री किरण पाल भड़ाना तथा भड़ौली गांव के समस्त ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
ग्राम पाठशाला के अनुसार, यह सम्मान केवल कुछ शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के प्रति ग्रामीण समाज की प्रतिबद्धता और बच्चों के बेहतर भविष्य के निर्माण की भावना को दर्शाता है। किसी सामाजिक पहल को आम लोगों का इस तरह समर्थन मिलना उसके उद्देश्य को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
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ग्रामीणों का स्नेह बना प्रेरणा, शिक्षा अभियान को मिलेगी नई मजबूती
ग्राम पाठशाला ने कहा कि गांव के एक घर के मुख्य द्वार पर लिखे संदेश उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। संस्था का मानना है कि जब समाज किसी अच्छे उद्देश्य को अपना समर्थन देता है, तो वह पहल एक अभियान का रूप ले सकती है।
संस्था ने भावुक संदेश में कहा कि ग्रामीणों का यह स्नेह और विश्वास उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर काम करने और अधिक से अधिक बच्चों तक पुस्तकों की पहुंच सुनिश्चित करने के संकल्प को मजबूत करता है।
हर गांव में निःशुल्क पुस्तकालय स्थापित करने का लक्ष्य
ग्राम पाठशाला का उद्देश्य देश के प्रत्येक गांव में बच्चों के लिए निःशुल्क पुस्तकालय स्थापित करने की दिशा में प्रयास करना है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी बच्चे की शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने की राह में बाधा न बनें।
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पुस्तकालय बच्चों को पाठ्यपुस्तकों के साथ-साथ साहित्य, सामान्य ज्ञान और अन्य उपयोगी विषयों की किताबें पढ़ने का अवसर प्रदान कर सकते हैं। इससे बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने, उनकी कल्पनाशक्ति बढ़ाने और ज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने में मदद मिल सकती है।
संस्था का मानना है कि गांव-गांव में पुस्तकालयों की स्थापना से शिक्षा को जन-आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। इसके लिए समाज के लोगों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
‘हर गांव में पुस्तकालय, भारत को ज्ञान का केंद्र बनाने का संकल्प’
ग्राम पाठशाला ने श्री किरण पाल भड़ाना और भड़ौली गांव के समस्त निवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका सम्मान और विश्वास संस्था के लिए अमूल्य है। संस्था इस स्नेह को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए शिक्षा के प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से ग्राम पाठशाला ने समाज के लोगों से अपील की कि वे बच्चों में पढ़ने की संस्कृति विकसित करने और गांवों में निःशुल्क पुस्तकालय स्थापित करने के अभियान में सहयोग करें।
ग्राम पाठशाला का संदेश है—
📚 आइए, हर गांव में पुस्तकालय बनाएं।
🇮🇳 भारत को पुस्तकालयों का देश बनाएं।


