सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री की मुलाकात, लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग में निवेश पर हुई चर्चा
‘एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग’ और ‘ग्राउंडब्रेकिंग से प्रोडक्शन’ तक निवेशकों के साथ खड़ी रहेगी यूपी सरकार
देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 60 प्रतिशत निर्माण उत्तर प्रदेश में: मुख्यमंत्री
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यीडा क्षेत्र में ₹775 करोड़ के निवेश से बनेगा यूनिवर्सल पैकेजिंग हब, एग्री-प्रोसेसिंग और वेस्ट मैनेजमेंट परियोजनाओं के लिए भी हुए समझौते
लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने और उत्पादन शुरू कराने तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी।
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन का यह प्रतिनिधिमंडल फरवरी 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर यात्रा के बाद उत्तर प्रदेश के दौरे पर आया है। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों, बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश-अनुकूल नीतियों और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर में गहरी रुचि दिखाई।
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‘एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग’ तक निवेशकों को मिलेगा पूरा सहयोग
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आधुनिक सिंगापुर के निर्माता स्वर्गीय ली कुआन यू के विजन ने दुनिया को दिखाया कि किसी देश की वैश्विक पहचान उसके भौगोलिक आकार से नहीं, बल्कि उसकी दूरदृष्टि, कार्यक्षमता और संसाधनों के कुशल उपयोग से बनती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हुए वैश्विक स्तर पर नई पहचान स्थापित की है। इसी तरह उत्तर प्रदेश भी अपनी पुरानी ‘बीमारू’ छवि से बाहर निकलकर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राज्य के रूप में उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की जीडीपी, वार्षिक बजट और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी भी तीन गुना बढ़ी है। बिना जनता पर कोई नया कर लगाए उत्तर प्रदेश लगातार राजस्व-अधिशेष राज्य बना हुआ है।
फरवरी 2026 में अपनी सिंगापुर यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम और प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से हुई मुलाकातों के दौरान लगभग ₹60,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। उन्होंने कहा कि सिंगापुर में निवेशकों को ‘सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड’ का जो भरोसा दिया गया था, उत्तर प्रदेश सरकार आज भी उसी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि अब सरकार की प्राथमिकता निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर वास्तविक उत्पादन शुरू कराना है। उन्होंने कहा कि ‘एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग’ और ‘ग्राउंडब्रेकिंग से प्रोडक्शन’ तक उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के समक्ष जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट समर्पित ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संगम तथा विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ा यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए उत्तर भारत का प्रमुख सप्लाई चेन हब बनने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। प्रदेश में 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में विकसित उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह रणनीतिक नोड्स को ₹35 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
उन्होंने सिंगापुर के निवेशकों से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने का आह्वान किया। सोलर एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, वेस्ट मैनेजमेंट और वाटर रिसाइक्लिंग जैसी क्लीन टेक्नोलॉजी में भी निवेश की व्यापक संभावनाओं पर चर्चा हुई।
मोबाइल उत्पादन और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्माण में यूपी की बड़ी हिस्सेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज देश के कुल मोबाइल उत्पादन का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 60 प्रतिशत निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है। यह प्रदेश में विकसित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियों का परिणाम है।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में प्रदेश की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश की खाद्य आपूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देश के खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की लगभग 21 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में सिंगापुर की उच्च गुणवत्ता वाली फूड पैकेजिंग, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात संबंधी विशेषज्ञता के साथ साझेदारी की व्यापक संभावनाएं हैं। इससे कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन होगा और किसानों के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों को भी लाभ मिल सकता है।
पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और शहरी विकास में साझेदारी की संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन ने पूरी दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की विशाल प्रबंधन क्षमता और आयोजन कौशल को प्रदर्शित किया है। इस अनुभव को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं और वेलनेस परियोजनाओं से जोड़कर नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और बौद्ध सर्किट जैसे प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्रों में विश्वस्तरीय होटल, कन्वेंशन सेंटर और हॉस्पिटैलिटी सेवाओं के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके साथ ही लखनऊ, स्टेट कैपिटल रीजन और नई टाउनशिप के सुनियोजित विकास में सिंगापुर की विश्वप्रसिद्ध अर्बन प्लानिंग विशेषज्ञता का लाभ लिया जा सकता है।
सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल ने यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतियों की सराहना की
बैठक से पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का निरीक्षण कर चुके सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली और प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना की।
प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रही फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइसेज पार्क और सेमीकंडक्टर क्लस्टर जैसी परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया। सदस्यों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पारदर्शी और त्वरित कार्यप्रणाली वैश्विक निवेशकों का विश्वास मजबूत करती है। सिंगापुर की कंपनियां प्रदेश के साथ दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी के लिए उत्साहित हैं।
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली ने भारत और सिंगापुर के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा को महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग, औद्योगिक पार्कों और प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों की प्रशंसा की।
एसबीएफ-इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी ने कहा कि मार्क ली के नेतृत्व में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन का यह पहला उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल है, जो सिंगापुर से बाहर किसी भारतीय राज्य के दौरे पर आया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए कार्यों को निवेशकों के बढ़ते भरोसे का प्रमुख आधार बताया।
यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज के प्रबंध निदेशक प्रशांत मुखर्जी ने भी राज्य सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि फरवरी में मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू को आगे बढ़ाने में प्रदेश सरकार की टीम ने तत्परता और तेजी से सहयोग किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के अनुभव साझा करने की बात कही।
₹775 करोड़ के निवेश से बनेगा यूनिवर्सल पैकेजिंग हब
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान किया। सिंगापुर आधारित यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज समूह से जुड़ी इस कंपनी को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-8डी में एकीकृत विनिर्माण परियोजना ‘यूनिवर्सल पैकेजिंग हब’ स्थापित करने के लिए 50 एकड़ भूमि के सापेक्ष प्रमाणपत्र सौंपा गया।
इस परियोजना पर ₹775 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इसमें सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी शामिल है और परियोजना के माध्यम से लगभग 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
वैश्विक कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ भी समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट के उत्पादन के लिए अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगी। इससे प्रदेश में कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
वेस्ट मैनेजमेंट परियोजनाओं में ₹350 करोड़ तक के निवेश की संभावना
सतत अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत वैश्विक कंपनी ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ भी एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी प्रदेश में ₹250 करोड़ से ₹350 करोड़ तक के अनुमानित निवेश से नोएडा के सेक्टर-145 में लगभग 7.5 लाख टन पुराने कचरे के उपचार की परियोजना पर काम करेगी। इसके अतिरिक्त सहारनपुर में प्रतिदिन 350 टन क्षमता वाला फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की योजना है।
इन परियोजनाओं से पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ लगभग 100 से 120 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
बैठक में कई प्रमुख उद्योगपति और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के सीईओ कोक पिंग सून, आईएचसीएल (टाटा ग्रुप) के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ पुनीत छतवाल, एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के सीईओ विशाल विजय, ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के सीईओ प्रशांत सिंह, पीएसए इंडिया के एमडी पवित्रन एम. कल्लाडा और सेम्बकॉर्प के एजीएम विनीत यादव सहित सिंगापुर के प्रमुख उद्योगपति, निवेशक तथा उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं औद्योगिक विकास से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच मजबूत होती आर्थिक साझेदारी से प्रदेश में निवेश, रोजगार सृजन, आधुनिक तकनीक और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए सुरक्षित, स्थिर और संभावनाओं से भरपूर निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से स्थापित हो रहा है।


