आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रेटर नोएडा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था वापस लेने की मांग
ग्रेटर नोएडा, प्रदेश में लागू की गई ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली के विरोध में डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को किसान एकता संघ संगठन ने भी आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार से नई व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की।
किसान एकता संघ के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी प्रदेश महासचिव एडवोकेट सतीश कनारसी के नेतृत्व में सेक्टर गामा-2 स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इस दौरान संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पिछले 13 दिनों से ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली के विरोध में चल रहे डीड राइटर्स और अधिवक्ताओं के आंदोलन को समर्थन दिया।
प्रदेश महासचिव एडवोकेट सतीश कनारसी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 4 जून से ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली लागू किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसका प्रदेशभर के डीड राइटर्स और अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का सीधा असर हजारों डीड राइटर्स और अधिवक्ताओं की आजीविका पर पड़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि तकनीकी सुधारों का स्वागत किया जा सकता है, लेकिन ऐसी किसी भी व्यवस्था को लागू करने से पहले जमीनी स्तर पर उससे जुड़े लोगों की समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों और आम नागरिकों को भी कई प्रकार की व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
एडवोकेट सतीश कनारसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने डीड राइटर्स और अधिवक्ताओं की मांगों पर विचार नहीं किया और ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर उचित समाधान नहीं निकाला, तो किसान एकता संघ प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन चलाने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि संगठन डीड राइटर्स और अधिवक्ताओं की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार से संवाद स्थापित कर संबंधित पक्षों की समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करते समय आम जनता, अधिवक्ताओं और संबंधित पेशेवरों के हितों को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।
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इस अवसर पर एडवोकेट राहुल बंसल, वनीश प्रधान, मनीष नागर, विक्रम नागर, शालिनी सोलंकी, उम्मेद एडवोकेट, सुभाष भाटी, अरुण खटाना, मेहरबान, परवेज, गोलू प्रधान, विनीत नागर, नरेंद्र नागर, डॉ. इमरान सहित संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
किसान एकता संघ ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।






