किसानों की 12 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने यमुना प्राधिकरण को सौंपा मांग पत्र
जेवर/गौतमबुद्ध नगर। भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों के समाधान को लेकर यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष पवन चौरोली द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में किसानों एवं विस्थापित परिवारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। संगठन ने मांग की है कि किसानों की आबादी (घर व घेरे) के बराबर भूखंड आवंटित किए जाएं तथा किसानों की बसी हुई भूमि के एवज में 5.50 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से 15 लाख रुपये दिए जाएं।
मांग पत्र में कहा गया है कि किसानों की भूमि के अधिग्रहण एवं विस्थापन से संबंधित मामलों में सभी प्रभावित परिवारों को समान लाभ दिया जाए तथा भूमिस्वामी के संतानों में बालिग और नाबालिग का भेद समाप्त किया जाए। इसके साथ ही विस्थापित परिवारों को 50 वर्ग मीटर के स्थान पर न्यूनतम 100 वर्ग मीटर का प्लॉट आवंटित करने की मांग की गई है।
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भारतीय किसान यूनियन ने किसानों की अधिग्रहित भूमि के बदले 20 प्रतिशत विकसित भूमि देने, लंबित मुआवजा फाइलों का शीघ्र भुगतान करने तथा यमुना एक्सप्रेसवे पर खुरजा मार्ग के दोनों ओर चढ़ने-उतरने के लिए सीढ़ियों का निर्माण कराने की भी मांग की है।
संगठन ने सावोता टोल प्लाजा संख्या-36 पर किसानों को आधार कार्ड दिखाकर निशुल्क आवागमन की सुविधा देने, किसानों के बेरोजगार बच्चों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा एयरपोर्ट के दूसरे चरण में प्रभावित गांवों की आबादी संबंधी विसंगतियों को दूर करने की मांग भी उठाई है।
इसके अतिरिक्त जेवर की आबादी का सीमा विस्तार करने और जेवर तहसील के सभी गांवों का सर्किल रेट बढ़ाने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।
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भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए, अन्यथा संगठन किसानों के हित में व्यापक आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और प्राधिकरण की होगी।






