महिलाओं की शिकायतों के त्वरित एवं संवेदनशील निस्तारण के दिए निर्देश, 8 मामलों का मौके पर हुआ समाधान
गौतमबुद्धनगर, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की माननीय सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार, गौतमबुद्धनगर में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने अपनी शिकायतें आयोग के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस विभाग से संबंधित 19 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण एवं उत्पीड़न जैसे मामले शामिल थे। इनमें 8 महिलाएं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुईं, जिनकी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए 8 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया।
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डॉ. मीनाक्षी भराला ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर अनुश्रवण कर उनका समयबद्ध, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, सहानुभूति और मानवीय दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। कई बार महिलाएं सामाजिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपनी पीड़ा खुलकर व्यक्त नहीं कर पाती हैं, इसलिए अधिकारियों का दायित्व है कि वे उन्हें विश्वास में लेकर उनकी समस्याओं का निष्पक्ष एवं त्वरित समाधान करें। उन्होंने पुलिस, महिला कल्याण विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक महिला फरियादी के साथ सम्मानजनक और सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए।
डॉ. भराला ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। आयोग इस दिशा में लगातार कार्य कर रहा है, ताकि किसी भी महिला को उत्पीड़न या अन्याय का सामना न करना पड़े।
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जनसुनवाई के उपरांत डॉ. मीनाक्षी भराला ने महामाया बालिका इंटर कॉलेज, सेक्टर-44, नोएडा में आयोजित “शक्ति संवाद” कार्यक्रम में छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा, शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने तथा उपलब्ध कानूनी एवं शासकीय सहायता का आवश्यकतानुसार लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार पुष्कर, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी आशीष कुमार सिंह, एडीसी जितेंद्र मोर्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






