ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई, कंपनी ब्लैकलिस्ट
सुपरवाइजर व तकनीकी सुपरवाइजर की सेवा समाप्त, दोनों के खिलाफ भी एफआईआर की संस्तुति
सीईओ एनजी रवि कुमार ने दिए जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क-दो स्थित कलाधाम सोसाइटी में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में डूबने से छह वर्षीय मासूम की हुई दर्दनाक मृत्यु के मामले में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने तत्काल और सख्त कार्रवाई की है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नलकूप निर्माण का कार्य शुरू करने से पहले ठेकेदार द्वारा आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। कार्यस्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग एवं सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई और निर्माण कार्य प्रारंभ करने की सूचना भी जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई। इस लापरवाही के कारण बोरवेल का गड्ढा खुला रहा, जिसमें पानी भर गया और शनिवार देर शाम खेलते समय केंद्रीय विद्यालय के उपप्रधानाचार्य सीवान यादव के पुत्र अव्यान सूर्या (6 वर्ष) की उसमें गिरकर डूबने से मृत्यु हो गई।
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घटना के बाद प्राधिकरण के महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा, सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी सहित अन्य अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए।
प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा की ओर से नॉलेज पार्क कोतवाली में ठेकेदार की फर्म सुप्रीम इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर मनोज कुमार जैन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। साथ ही संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
जांच में जल विभाग के तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार तथा सुपरवाइजर जॉनी कुमार की भी गंभीर लापरवाही सामने आने पर दोनों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इनके विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति पुलिस को भेजी गई है।
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सीईओ एनजी रवि कुमार ने पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश देते हुए महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी वरिष्ठ अधिकारी की भी लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुनील कुमार सिंह ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीईओ ने सभी वर्क सर्किलों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और अन्य सभी सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।






