किसान सभा ने निकाली तिरंगा यात्रा, 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट समेत प्रमुख मांगों को लेकर प्राधिकरण पर आंदोलन की तैयारी
ग्रेटर नोएडा। किसान सभा द्वारा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के 44 गांवों में “किसान जोड़ो, किसान बचाओ” तिरंगा यात्रा निकाली गई। किसानों के मुद्दों और अधिकारों को लेकर आयोजित इस यात्रा के लिए दो टीमें गठित की गई थीं। एक टीम ने पश्चिमी क्षेत्र जबकि दूसरी टीम ने पूर्वी क्षेत्र के गांवों में पहुंचकर तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा का समापन किसान सभा के जिला कार्यालय, जैतपुर में हुआ।
समापन कार्यक्रम में किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नगर ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगान के साथ तिरंगा यात्रा का समापन किया।
इस अवसर पर किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि किसानों की लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट की मांग को लेकर किसान सभा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक से प्रस्ताव पारित करवाकर वर्ष 2024 में शासन के अनुमोदन के लिए भेज चुकी है। उन्होंने दावा किया कि आबादी के 854 प्रकरणों की सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन 10 प्रतिशत प्लॉट के प्रस्ताव का शासन से अनुमोदन अभी लंबित है तथा 854 आबादी प्रकरणों को प्राधिकरण बोर्ड से पारित किया जाना बाकी है।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
डॉ. वर्मा ने कहा कि नए भूमि अधिग्रहण कानून के अनुसार सर्किल रेट के पुनरीक्षण और विकसित प्लॉट दिए जाने के संबंध में भी निर्णय लिया जाना शेष है। उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा, जिसमें किसान सभा, किसान एकता संघ सहित विभिन्न किसान संगठन शामिल हैं, इन मुद्दों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के चलते किसानों ने कई मुद्दों पर आधी सफलता हासिल की है, लेकिन शेष मांगों के समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा।
17 अगस्त को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर महापड़ाव का ऐलान
डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि 17 अगस्त का आंदोलन निर्णायक होगा। उन्होंने दावा किया कि हजारों किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे और महापड़ाव डालेंगे।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट, 854 आबादी प्रकरण, नए कानून के अनुसार सर्किल रेट का पुनरीक्षण और विकसित प्लॉट सहित प्रमुख मांगों का समाधान नहीं हो जाता।
उन्होंने भाजपा सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधि किसानों के मुद्दों को शासन के समक्ष मजबूती से रखने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा किसी जनप्रतिनिधि के भरोसे नहीं, बल्कि किसानों की एकजुटता और अपने संघर्ष के आधार पर अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा।
डॉ. वर्मा ने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता पिछले दो वर्षों में किसानों के मुद्दों को लेकर दो बार जेल जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि लगातार चले संघर्ष के परिणामस्वरूप प्राधिकरणों को बोर्ड बैठकों में 10 प्रतिशत प्लॉट का प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजना पड़ा। अब शासन से अनुमोदन और अन्य मांगों के समाधान के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने किसानों से 17 अगस्त के महापड़ाव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसानों के अधिकारों की लड़ाई है और मांगों के अंतिम समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा।
तिरंगा यात्रा एवं समापन कार्यक्रम में निशांत रावल, भोजराज रावल, अजब सिंह नेताजी, मुकेश खेड़ी, अजय पाल भाटी, अजब सिंह नगर, अजब सिंह भाटी, सलारपुर, मटोल खेड़ी, जय किशन खेड़ी, भीम खैरपुर, नरेश मुखिया, बाबा करतार सैनी, संदीप भाटी, प्रशांत भाटी, सुशांत भाटी, अभिषेक भाटी, नितिन भाटी, देशराज राणा, गवरी मुखिया, सेल यादव, सतबीर यादव, गुरप्रीत एडवोकेट, राहुल नगर, ओमदत्त, पंडित जी, सोनू समानिया, यतेंद्र मैनेजर सहित सैकड़ों किसान सभा कार्यकर्ता एवं युवा मौजूद रहे।


