यमुना प्राधिकरण में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘अगस्त क्रांति’, करप्शन फ्री इंडिया ने सौंपा ज्ञापन
गांवों का शहर की तर्ज पर विकास, शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं और भूजल दोहन पर रोक की उठाई मांग
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में कथित बढ़ते भ्रष्टाचार और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने ‘अगस्त क्रांति’ के तहत प्रदर्शन किया। संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम प्रधान के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार को संबोधित ज्ञापन अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनीष मीणा को सौंपा।
संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय एवं आलोक नागर ने बताया कि अगस्त क्रांति के तहत यमुना प्राधिकरण के विभिन्न विभागों में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ-साथ क्षेत्र के ग्रामीणों और किसानों से जुड़े बुनियादी मुद्दों का समाधान कराना है।
चौधरी प्रवीण भारतीय ने आरोप लगाया कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण कार्यों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं, जिसके कारण सड़क, भवन, नाले और सेक्टरों में किए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
गांवों का हो शहर की तर्ज पर विकास
संगठन ने मांग की कि यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले गांवों का विकास भी शहरों की तर्ज पर किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क, नाली, जल निकासी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
किसानों के बच्चों के लिए कॉलेज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
संगठन ने किसानों के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए क्षेत्र में इंटर कॉलेज एवं डिग्री कॉलेज स्थापित करने की मांग रखी। इसके साथ ही ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सुपर मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने की मांग भी की गई।
भूजल दोहन पर रोक की मांग
चौधरी प्रवीण भारतीय ने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निजी बिल्डरों द्वारा लंबे समय से बड़े स्तर पर भूजल दोहन किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि भूजल के अनियंत्रित दोहन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में स्थानीय लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो करप्शन फ्री इंडिया संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
इस दौरान आलोक नागर, बलराज हूण, प्रेम प्रधान, राकेश नागर, हरेंद्र कसाना, रिंकू बैंसला, यतेंद्र नागर, तेजवीर चौहान, कृष्ण नागर, प्रीतम सिंह राठी, आकाश नागर, वरुण, पवन यादव सहित संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


