6 भागीदार देशों की भागीदारी, 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 20 से अधिक नॉलेज सेशन होंगे आकर्षण का केंद्र
उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार, निवेश, निर्माण और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 का चौथा संस्करण 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यूपीआईटीएस-2026 में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस सहित छह भागीदार देशों की सक्रिय भागीदारी होगी। आयोजन में लगभग 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के शामिल होने की संभावना है। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए विशेष पवेलियन, द्विपक्षीय व्यापारिक बैठकें और बी2बी मीटिंग आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास, परिवहन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों की सहायता के लिए संपर्क अधिकारियों की तैनाती तथा गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय एवं तकनीकी संस्थानों के छात्रों को स्वयंसेवक के रूप में जोड़े जाने पर भी जोर दिया गया।
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20 से अधिक नॉलेज सेशन होंगे आयोजित
यूपीआईटीएस-2026 में व्यापार और उद्योग से जुड़े विषयों पर 20 नॉलेज सेशन आयोजित किए जाएंगे। इनमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, एमएसएमई और ओडीओपी निर्यातकों के लिए डिजिटल बाजार, मेडटेक, नए श्रम कोड और मुक्त व्यापार समझौतों जैसे विषय प्रमुख होंगे।
इसके अलावा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सड़क सुरक्षा, आयुष वेलनेस और एफपीओ सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नॉलेज सेशन संक्षिप्त, उपयोगी और प्रभावशाली हों तथा इनमें उद्यमियों, निवेशकों और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उत्तर प्रदेश की कला-संस्कृति भी बनेगी आकर्षण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आयोजन में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ-साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की भी व्यापक भागीदारी हो। इसके लिए करीब 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं। इनमें कथक, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी एवं आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य तथा म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं।
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यूपीआईटीएस-2026 की केंद्रीय थीम ‘Ultimate Sourcing Begins Here…’ रखी गई है। मेले में ओडीओपी, ओडीओसी, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं हेल्थकेयर, टेक्सटाइल एवं हथकरघा, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन और संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों की क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक
आयोजकों के अनुसार, यूपीआईटीएस-2026 के लिए 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक किया जा चुका है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और विभिन्न कॉरपोरेट संस्थाओं के लिए प्रदर्शनी लेआउट को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयोजन स्थल को प्लास्टिक-मुक्त और व्यवस्थित रखने के साथ प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
गौतमबुद्धनगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मुख्यमंत्री को आयोजन की यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। प्रवेश और निकास मार्गों, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन तथा सुरक्षा जांच के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्किंग और प्रदर्शनी स्थल के बीच 500 से अधिक ईवी शटल बसों के संचालन की व्यवस्था की गई है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और वीवीआईपी अतिथियों की सहायता के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर भी संचालित किया जा रहा है।
युवाओं की भागीदारी पर भी जोर
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने मुख्यमंत्री को जिले में चलाए जा रहे जनसंपर्क और युवा सहभागिता अभियानों की जानकारी दी। आरडब्ल्यूए, औद्योगिक संगठनों, स्कूलों और कॉलेजों के साथ समन्वय कर लोगों को मेले से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीआईटीएस-2026 उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, उत्पादों, नवाचार, उद्यमिता और सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आगंतुकों के लिए सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए।


