सातों दिन बैंक खोलने, कैश हैंडलिंग चार्ज व मिनिमम बैलेंस पेनल्टी खत्म करने की मांग, व्यापारियों ने कहा—बैंकिंग शुल्कों से बढ़ रहा आर्थिक बोझ
इटावा, बैंकों की कथित मनमानी, अनावश्यक शुल्क वसूली और व्यापारियों को हो रही परेशानियों के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने जिला अध्यक्ष आलोक दीक्षित के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर के माध्यम से केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर बैंकिंग व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
यह कार्यक्रम संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के आह्वान पर आयोजित किया गया। व्यापारियों ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं से जुड़े विभिन्न शुल्कों और प्रक्रियाओं के कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से व्यापारियों की समस्याओं का समाधान कर बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापार हितैषी बनाने की मांग की।
सातों दिन बैंक खोलने की उठाई मांग
व्यापार मंडल ने मांग की कि सभी सरकारी बैंकों को सातों दिन खोला जाए, ताकि बैंक अवकाश के कारण व्यापारिक लेनदेन प्रभावित न हो। व्यापारियों का कहना है कि कारोबार में प्रतिदिन भुगतान और धनराशि के लेनदेन की आवश्यकता होती है। ऐसे में बैंक बंद रहने से व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आती है और कारोबारियों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
कैश हैंडलिंग चार्ज और मिनिमम बैलेंस पेनल्टी समाप्त करने पर जोर
ज्ञापन में बचत खातों पर मिलने वाले कम ब्याज और चालू खातों पर ब्याज नहीं मिलने का हवाला देते हुए मिनिमम बैलेंस पेनल्टी समाप्त करने की मांग की गई। व्यापारियों ने कहा कि चालू खातों और लिमिट खातों में नियमित लेनदेन के बावजूद विभिन्न प्रकार के शुल्क वसूलना कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है।
इसके साथ ही नकदी जमा करने और निकालने पर लगाए जाने वाले कैश हैंडलिंग चार्ज को समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
चेक बाउंस होने पर भुगतान प्राप्तकर्ता से शुल्क न वसूला जाए
व्यापार मंडल ने चेक डिसऑनर होने की स्थिति में भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारी पर लगाए जाने वाले शुल्क को अनुचित बताते हुए मांग की कि यह शुल्क केवल चेक जारी करने वाले व्यक्ति से ही लिया जाए। व्यापारियों का कहना है कि चेक जारी करने वाले की गलती का आर्थिक बोझ भुगतान प्राप्त करने वाले व्यापारी पर नहीं पड़ना चाहिए।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
लोन और लिमिट खातों से जुड़े शुल्कों पर रोक लगाने की मांग
ज्ञापन में नियमित रूप से संचालित हो रहे लोन और लिमिट खातों के नवीनीकरण तथा संपत्ति के पुनर्मूल्यांकन के नाम पर वसूले जाने वाले शुल्क पर रोक लगाने की मांग की गई। व्यापारियों ने कहा कि कारोबारियों को पहले से ही विभिन्न वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अनावश्यक बैंकिंग शुल्क उनकी परेशानियां और बढ़ाते हैं।
इसके अलावा व्यापार मंडल ने लोन और लिमिट खातों को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित करने की निर्धारित अवधि तीन माह से बढ़ाकर छह माह करने की मांग की। संगठन का कहना है कि तकनीकी कारणों या अन्य व्यावहारिक समस्याओं के चलते भुगतान में आने वाली दिक्कतों के मामलों में व्यापारियों को सुधार का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
केवाईसी की अवधि 10 वर्ष करने और अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज खत्म करने की मांग
व्यापारियों ने केवाईसी के नाम पर खाताधारकों को बार-बार बैंक बुलाए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने केवाईसी की अवधि बढ़ाकर 10 वर्ष करने के संबंध में आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की, ताकि खाताधारकों को बार-बार बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें।
इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के बैंक खातों पर लगाए जाने वाले अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज को समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए उठाई आवाज
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए बैंकिंग सेवाओं को व्यापारियों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक शुल्कों और जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिल सके। संगठन ने केंद्र सरकार से ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की।
प्रदर्शन में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष अशोक जाटव, हाजी हन्नान मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष मनोज कठेरिया, शहर अध्यक्ष सोनू अग्रवाल, लाइन पार शहर अध्यक्ष सुनील कुमार कुशवाहा, युवा जिलाध्यक्ष रियाज अहमद, उद्योग मंच के जिला अध्यक्ष राहुल दीक्षित, जिला सचिव आफताब खान, युवा शहर अध्यक्ष इबादुर्रहमान, शहर उपाध्यक्ष बृजेश राठौर, उद्योग मंच के उपाध्यक्ष ताहा शालीमार, युवा जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव, शेख नवाब, मीडिया प्रभारी इश्तायक कुरैशी, शहर उपाध्यक्ष हफीज खान, प्रमित दीक्षित सहित दर्जनों व्यापारी नेता उपस्थित रहे।


