“नौकरी-रोज़गार जीवन-मरण का सवाल, सरकार तुरंत सुने कर्मचारियों की मांगें”
लखनऊ,
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री आवास के सामने रोडवेज संविदाकर्मियों द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के प्रति जनता में निराशा और हताशा का स्तर इतना बढ़ गया है कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद छोड़कर आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के सामने अपनी रोज़ी-रोटी और रोजगार की लड़ाई लड़ रहे रोडवेज संविदाकर्मियों द्वारा पेट्रोल छिड़ककर आत्महत्या का प्रयास किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। यह घटना प्रदेश की मौजूदा व्यवस्था और सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता के अहंकार में इतनी डूब चुकी है कि उसे आम लोगों की पुकार, गुहार और पीड़ा सुनाई नहीं देती। कर्मचारियों, युवाओं और मेहनतकश वर्ग की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
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सपा प्रमुख ने कहा कि नौकरी और रोजगार किसी भी परिवार के लिए जीवन-मरण का प्रश्न होता है। परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने वाला व्यक्ति ही इस पीड़ा को समझ सकता है। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए रोडवेज चालकों और परिचालकों की मांगों पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए तथा उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार से अपील की कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कर्मचारियों से संवाद स्थापित किया जाए और उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से होता है, उपेक्षा और अहंकार से नहीं।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और अब समय आ गया है कि जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने वाली सरकार बने।
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