यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू (कृषक) ने ओएसडी से की मुलाकात
आबादी बैकलीज, 10% विकसित भूखंड, अतिरिक्त मुआवजा और रोजगार समेत कई प्रमुख मुद्दे उठाए
ग्रेटर नोएडा,
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों की लंबित समस्याओं एवं मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (कृषक) के प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर के नेतृत्व में यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र सिंह से मुलाकात कर किसानों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय सचिव ऋषिपाल कसाना ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने किसानों की वर्षों से लंबित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इनमें आबादी बैकलीज, 10 प्रतिशत विकसित भूखंडों का आवंटन, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, जेवर एयरपोर्ट परियोजना से विस्थापित किसानों के पुनर्वास, किसानों के बच्चों को रोजगार तथा गांवों के समुचित विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
ऋषिपाल कसाना ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि किसानों के हितों से जुड़े इन मुद्दों के समाधान के लिए शीघ्र ही यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के साथ विस्तृत वार्ता की जाएगी, ताकि लंबित मांगों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
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उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (कृषक) किसानों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्षरत है तथा किसानों को उनका न्यायोचित हक दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रखे जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने ओएसडी शैलेंद्र सिंह से मांग की कि किसानों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और विकास परियोजनाओं से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा, पुनर्वास एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर, हरवीर सिंह, ऋषिपाल कसाना, हरेंद्र नागर, पूनम भाटी, सरजीत नागर, सोविंदर चेची, दीपक नागर सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं के समाधान तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा और आवश्यक होने पर व्यापक आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जाएगी।






