“कागज बोलता है, किसानों को उनका हक दो” – अशोक चौहान
ग्राम विकास संगठन ने नोएडा प्राधिकरण से बैठक का कार्यवृत्त लिया, 24 जून को होगी अगली अहम बैठक
नोएडा, 2 जून 2026।
ग्राम विकास संगठन नोएडा के प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के संयोजक डीपी चौहान के नेतृत्व में नोएडा प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) क्रांति शेखर से प्राधिकरण कार्यालय में मुलाकात कर पूर्व में हुई बैठक का कार्यवृत्त (मिनट्स ऑफ मीटिंग) प्राप्त किया। संगठन ने किसानों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों के समाधान की मांग को एक बार फिर प्रमुखता से उठाया।
ग्राम विकास संगठन नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि 29 मई 2026 को संगठन के पदाधिकारियों की नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी सतीश पाल, विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर, महाप्रबंधक नियोजन अरविंद कुमार, महाप्रबंधक अशोक कुमार अरोड़ा एवं महाप्रबंधक एस.पी. सिंह के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में किसानों से जुड़े तीन प्रमुख प्रतिवेदनों पर विस्तार से चर्चा की गई थी।
बैठक में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई गईं—
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- अर्जित भूमि के सापेक्ष करार नियमावली-1997 के अनुसार किसानों को 10 प्रतिशत आबादी भूखंड प्रदान किए जाएं।
- जहां आबादी है, उसे “जहां है जैसी है” के आधार पर भूमि अधिग्रहण अधिनियम-1894 की धारा 48 के अंतर्गत डिनोटिफाई किया जाए।
- नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के 81 गांवों को मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जाए।
अशोक चौहान ने बताया कि विशेष कार्याधिकारी क्रांति शेखर द्वारा सक्षम स्तर से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद बैठक का कार्यवृत्त जारी कर दिया गया है तथा किसानों के मुद्दों पर आगे की कार्रवाई के लिए 24 जून 2026 को पुनः बैठक निर्धारित की गई है।
उन्होंने कहा कि ग्राम विकास संगठन को उम्मीद है कि नोएडा प्राधिकरण किसानों के हित में सकारात्मक निर्णय लेते हुए वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान करेगा। संगठन लगातार किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
अशोक चौहान ने कहा, “किसानों का कागज बोलता है। सभी दस्तावेज और अभिलेख किसानों के पक्ष में हैं, फिर भी उन्हें उनका अधिकार नहीं दिया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने किसानों के साथ अन्याय किया है। किसानों को उनका वैधानिक हक और अधिकार मिलना चाहिए। जब तक किसानों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”
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उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के पक्ष में पर्याप्त दस्तावेज होने के बावजूद उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण समय-समय पर किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है।
इस अवसर पर ग्राम विकास संगठन नोएडा के संयोजक डीपी चौहान एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान उपस्थित रहे।
“किसानों के दस्तावेज हैं गवाह, अब मिलना चाहिए अधिकार” – अशोक चौहान
ग्राम विकास संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों के अधिकारों और गांवों के विकास के मुद्दे पर उनका संघर्ष पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।






