‘Made in Play’ Summit में पैनलिस्ट बनकर साझा किए अनुभव, खेल आधारित शिक्षा पर रखे विचार
गौतमबुद्धनगर,
जनपद गौतमबुद्धनगर की ग्राम पंचायतन की आंगनवाड़ी कार्यकत्री सुनीता देवी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और कार्यक्षमता का परिचय देते हुए क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ले मेरिडियन होटल में आयोजित ‘Made in Play’ Summit में उन्होंने पैनलिस्ट के रूप में भाग लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के विकास और खेल आधारित शिक्षा के अपने अनुभव साझा किए।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) संध्या सोनी ने बताया कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन बच्चपन बनाओ और NDTV के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। सम्मेलन में देशभर से प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (Early Childhood Education), खेल आधारित शिक्षण (Play-Based Learning) और बाल विकास के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ, शिक्षाविद्, नीति-निर्माता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
समर्पण और उत्कृष्ट कार्य का मिला राष्ट्रीय सम्मान
सुनीता देवी पिछले कई वर्षों से अपने क्षेत्र में बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए LECIN (Let’s Educate Children In Need) संस्था ने उन्हें इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व के लिए नामांकित किया।
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पैनल चर्चा के दौरान सुनीता देवी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के साथ कार्य करने के अपने अनुभव, चुनौतियां और सफल प्रयास साझा किए। उन्होंने कहा कि खेल आधारित गतिविधियां बच्चों की सीखने की क्षमता को अधिक प्रभावी, रचनात्मक और आनंददायक बनाती हैं।
आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका पर दिया जोर
सुनीता देवी ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि इन्हें पर्याप्त संसाधन और सहयोग मिले तो ये ग्रामीण भारत में शिक्षा और विकास के सशक्त केंद्र बन सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के प्रति अभिभावकों और परिवारों को जागरूक करना उतना ही आवश्यक है, जितना कि बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण तैयार करना। उनके अनुसार, स्थानीय स्तर पर किए गए छोटे-छोटे नवाचार भी बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
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देशभर के विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
सम्मेलन में देश के 10 राज्यों से आए 20 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, शोधकर्ता और बाल विकास क्षेत्र के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए अपने अनुभव, शोध और नवाचारों को साझा किया।
LECIN संस्था तीन वर्षों से कर रही सहयोग
गौरतलब है कि LECIN (Let’s Educate Children In Need) एक गैर-सरकारी संस्था है, जो पिछले तीन वर्षों से गौतमबुद्धनगर के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ मिलकर कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य खेल आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देकर बच्चों के लिए बेहतर एवं प्रेरणादायक सीखने का वातावरण तैयार करना है।
LECIN के प्रतिनिधियों ने सुनीता देवी की उपलब्धि को पूरे क्षेत्र और आंगनवाड़ी व्यवस्था के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल सुनीता देवी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन हजारों आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के समर्पण और मेहनत की पहचान है, जो देश के दूरस्थ क्षेत्रों में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।
प्रेरणादायी उपलब्धि बनी मिसाल
सुनीता देवी की यह उपलब्धि ग्रामीण भारत में कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। यह साबित करती है कि जमीनी स्तर पर किए गए समर्पित प्रयास न केवल समाज में बदलाव ला सकते हैं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान भी दिला सकते हैं।
मुख्य बिंदु
🔹 गौतमबुद्धनगर की आंगनवाड़ी कार्यकत्री सुनीता देवी बनीं राष्ट्रीय सम्मेलन की पैनलिस्ट
🔹 नई दिल्ली में आयोजित ‘Made in Play’ Summit में किया प्रतिनिधित्व
🔹 खेल आधारित शिक्षा और बाल विकास पर साझा किए अनुभव
🔹 LECIN संस्था ने किया नामांकन
🔹 देशभर के विशेषज्ञों और शिक्षाविदों के बीच रखे विचार
🔹 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के योगदान को मिली राष्ट्रीय पहचान
“सुनीता देवी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि समर्पण, नवाचार और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता के बल पर गांव की चौपाल से लेकर राष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई जा सकती है






