ग्रेटर नोएडा। 13 अगस्त 2008 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसान आंदोलन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में शहीद हुए छह किसानों की 18वीं पुण्यतिथि पर ग्राम घोड़ी-बछेड़ा में किसानों ने कैंडल मार्च निकालकर शहीद किसान भाइयों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में किसानों के साथ युवाओं ने भी भाग लिया। इस दौरान युवाओं ने कहा कि किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों का बलिदान आज भी उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने संकल्प लिया कि शहीद किसानों के अधिकारों की लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
किसानों ने कहा कि शहीद किसानों के बलिदान को 18 वर्ष बीत जाने के बावजूद शेष 4 प्रतिशत प्लॉट से वंचित किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। किसानों के अनुसार इस समस्या से करीब एक लाख लोग प्रभावित हैं। उन्होंने प्राधिकरण से लंबित 4 प्रतिशत प्लॉट का अधिकार जल्द दिलाने की मांग दोहराई।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
कैंडल मार्च के बाद किसानों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 2 सितंबर को किसान शहीद पार्क, घोड़ी-बछेड़ा से पैदल मार्च निकालकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक पहुंचा जाएगा। किसानों ने बताया कि इस मार्च में हजारों किसान शामिल होंगे और शेष 4 प्रतिशत प्लॉट से वंचित प्रभावित किसान बड़ी संख्या में अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे।
किसानों ने कहा कि 13 अगस्त 2008 के शहीद किसानों का बलिदान उनके संघर्ष की प्रेरणा है। जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष और अपनी मांगों की आवाज बुलंद करने का सिलसिला जारी रहेगा।
किसानों ने क्षेत्र के सभी प्रभावित किसान परिवारों और साथियों से अपील की कि वे 2 सितंबर के पैदल मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर एकजुटता का परिचय दें।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)






