किसानों की समस्याओं को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में समीक्षा बैठक, 10% विकसित भूखंड और मुआवजा बढ़ोतरी सहित प्रमुख मुद्दों पर हुई चर्चा
ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (कृषक) द्वारा किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं मांगों को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय सचिव ऋषिपाल कसाना ने किया। बैठक में किसानों से जुड़े प्रमुख मुद्दों को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ गंभीरता से चर्चा की गई।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के किसानों की लंबे समय से लंबित मांगों में 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, मुआवजा दरों में बढ़ोतरी, आबादी की बैकलीज, नए भूमि अधिग्रहण कानून को लागू करना तथा ग्राम विकास से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों में किसानों के बच्चों को प्रवेश एवं उपचार में छूट देने की मांग भी बैठक में प्रमुखता से रखी गई।
बैठक में प्राधिकरण की ओर से एसीईओ वीएस लक्ष्मी, प्रिंसिपल जीएम संदीप चंद्रा, ओएसडी मुकेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। किसान प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
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बैठक के दौरान एसीईओ की ओर से बताया गया कि किसानों के मुआवजे की दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। वहीं 10 प्रतिशत विकसित भूखंड के मुद्दे पर शासन स्तर पर सकारात्मक वार्ता चलने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसानों को मिलने वाले भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है।
किसानों के बच्चों को स्कूल, कॉलेज में प्रवेश तथा अस्पतालों में उपचार के दौरान छूट के मुद्दे पर अधिकारियों ने कहा कि संबंधित संस्थानों के प्रबंधन को बुलाकर जल्द इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
संगठन के राष्ट्रीय महासचिव हरेंद्र नागर ने कहा कि प्राधिकरण के साथ हुई बैठक सार्थक रही। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक महीने का समय दिया है। उन्होंने कहा कि यदि तय समयसीमा में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।
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बैठक में हरवीर सिंह, ऋषिपाल कसाना, हरेंद्र नागर, एडवोकेट जीतू गुर्जर, अरविंद पहलवान, देवेंद्र कसाना, पूनम भाटी, रविंद्र भाटी, भगत भाटी, मनीष शर्मा, ऋषभ शर्मा, दीपक कुमार, गौरव नागर, इंद्र रोहिला, राजेश त्यागी, प्रशांत भाटी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं किसान मौजूद रहे।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसानों की लंबित मांगों का समयबद्ध एवं न्यायसंगत समाधान होने तक संगठन लगातार प्राधिकरण और शासन स्तर पर अपनी आवाज उठाता रहेगा।


