एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में इंजीनियर्स डे पर AI से स्मार्ट सिटी निर्माण का छात्रों ने किया मॉडल प्रस्तुतिकरण
250 विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अभिनव विचार, उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
ग्रेटर नोएडा, एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर्स डे के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए विशेष वर्कशॉप एवं प्रेजेंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिसर्च एंड इनोवेशन एवं स्मार्ट सिटीज रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने AI तकनीक के माध्यम से भविष्य के स्मार्ट शहरों के निर्माण से जुड़े अपने अभिनव विचार और प्रोजेक्ट मॉडल प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में करीब 250 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विद्यार्थियों ने स्मार्ट सिटी की अवधारणा को ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्मार्ट सिक्योरिटी, ऊर्जा प्रबंधन, सार्वजनिक सुविधाओं, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली तथा नागरिक-केंद्रित शहरी सेवाओं से जोड़ते हुए अपनी तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों में स्वच्छ एवं सुरक्षित शहर, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युतीकरण और बेहतर शहरी प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी शामिल किया गया।
इंजीनियरिंग, रिसर्च और इनोवेशन राष्ट्र निर्माण के प्रमुख आधार : डॉ. सुनील मिश्रा
एक्यूरेट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ. सुनील मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इंजीनियर किसी भी विकसित राष्ट्र की प्रगति के प्रमुख आधार होते हैं। रिसर्च और इनोवेशन केवल तकनीकी विकास के साधन नहीं हैं, बल्कि देश की आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी प्रगति के लिए आवश्यक आधार हैं।
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उन्होंने भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग, तकनीकी उत्कृष्टता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके योगदान और इंजीनियरिंग के प्रति समर्पण को सम्मान देने के लिए प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर्स डे मनाया जाता है।
डॉ. सुनील मिश्रा ने स्मार्ट सिटी की मूल अवधारणा और उसके निर्माण में आवश्यक तकनीकी दक्षताओं के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में AI और आधुनिक तकनीक के माध्यम से शहरों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ, टिकाऊ और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में कार्य करना होगा।
विकसित भारत के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका महत्वपूर्ण : डॉ. एस. एल. राजपूत
विभागाध्यक्ष डॉ. एस. एल. राजपूत ने कहा कि भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश को नई तकनीकों, स्वदेशी समाधानों और नवाचार की आवश्यकता है।
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उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी की तलाश करने वाले पेशेवर न बनें, बल्कि समस्या समाधानकर्ता, शोधकर्ता, नवप्रवर्तक और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले जिम्मेदार इंजीनियर के रूप में आगे आएं।
AI रिसर्च एवं डेवलपमेंट में विद्यार्थियों की भूमिका अहम : डॉ. अभिषेक सक्सेना
डीन इंजीनियरिंग डॉ. अभिषेक सक्सेना ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रिसर्च एंड डेवलपमेंट में बढ़ते महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि AI आने वाले समय में अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि AI को केवल करियर स्किल के रूप में न देखें, बल्कि इसे नई खोज, अनुसंधान और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाएं।
तकनीकी ज्ञान का उपयोग कर व्यावहारिक समाधान विकसित करें : डॉ. नितिन त्यागी
कंप्यूटर साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. नितिन त्यागी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने आसपास की समस्याओं को पहचानें और तकनीकी ज्ञान का उपयोग करके उनके व्यावहारिक एवं प्रभावी समाधान विकसित करने की दिशा में कार्य करें।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी निर्माण में AI, डेटा एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और आधुनिक तकनीकों का उपयोग नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। विद्यार्थियों को इन तकनीकों के माध्यम से समाजोपयोगी प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
नई पीढ़ी के इंजीनियर स्मार्ट सिटी अभियान का बनेगी हिस्सा : पूनम शर्मा
एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की चेयरपर्सन सुश्री पूनम शर्मा ने सभी इंजीनियरों, इंजीनियरिंग विद्यार्थियों एवं भावी इंजीनियरों को इंजीनियर्स डे की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि आज के युवा इंजीनियर देश के भविष्य के निर्माता हैं। उन्हें पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर ऐसे समाधान विकसित करने चाहिए, जो समाज और देश के विकास में वास्तविक योगदान दे सकें। विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रयोग करने और शोध के प्रति जिज्ञासु बने रहने का संदेश दिया।
सुश्री पूनम शर्मा ने कहा कि देश में स्मार्ट सिटी निर्माण की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नई पीढ़ी के ये भावी इंजीनियर इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एक्यूरेट संस्थान के विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान और नवाचार के माध्यम से संस्थान तथा राष्ट्र का नाम रोशन करेंगे।
AI आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
वर्कशॉप के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक AI आधारित स्मार्ट सिटी के विभिन्न प्रोजेक्ट कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था, स्मार्ट सुरक्षा प्रणाली, ऊर्जा प्रबंधन, स्वच्छता, जल प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े अभिनव विचार साझा किए।
विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, तकनीकी समझ, प्रस्तुति कौशल और समस्या समाधान की क्षमता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रतिभागियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान का उद्देश्य विद्यार्थियों में रिसर्च, इनोवेशन, क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी आधारित समस्या समाधान के प्रति उत्साह बढ़ाना था।
रिसर्च से ज्ञान, इनोवेशन से समाधान और टेक्नोलॉजी से राष्ट्र निर्माण
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि इंजीनियरिंग केवल पाठ्यक्रम और डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य ज्ञान को नवाचार में और नवाचार को समाज के लिए उपयोगी समाधान में बदलना है।
एक्यूरेट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा AI, उभरती तकनीकों, रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड लर्निंग से विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देने वाले भविष्य के इंजीनियर बनाना है।
कार्यक्रम का संदेश रहा—
“Research से ज्ञान, Innovation से समाधान और Technology से राष्ट्र निर्माण।”
इस अवसर पर प्रोफेसर ज़ैदी, प्रोफेसर तरुण सहित अन्य प्रोफेसर एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और AI आधारित स्मार्ट सिटी निर्माण के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।


