मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटाए जाने की शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग, नाम बहाल करने और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील
नोएडा, 10 अक्टूबर 2026। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को गौतम बुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान एवं कार्यकर्ता सलारपुर स्थित जिला कार्यालय पर एकत्रित हुए। किसान दिल्ली के जंतर-मंतर जाने के लिए ट्रैक्टरों के काफिले के साथ रवाना हुए, लेकिन श्री कृष्णा टावर के पास पुलिस प्रशासन ने वाहनों की मदद से काफिले को रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच कई बार नोकझोंक हुई।
पुलिस प्रशासन के आग्रह पर भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद मिश्रा को सौंपने पर सहमत हुए। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और किसानों से आठ सूत्रीय ज्ञापन प्राप्त किया।
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मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग
भारतीय किसान यूनियन ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संगठन ने कहा कि यदि निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना या गलत तरीके से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, तो उन्हें समयबद्ध तरीके से दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। संगठन ने मांग की कि नाम हटाने के प्रत्येक निर्णय का स्पष्ट आधार बताया जाए और प्रभावित नागरिकों को अपनी बात रखने, आपत्ति दर्ज कराने तथा अपील करने का पर्याप्त अवसर मिले।
किसान, मजदूर और वंचित वर्गों के मताधिकार की सुरक्षा पर जोर
किसान यूनियन ने ज्ञापन में कहा कि किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, पिछड़े और अन्य वंचित समुदायों के पात्र नागरिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी सुरक्षित रहनी चाहिए। दस्तावेजों की कमी, तकनीकी प्रक्रियाओं या प्रशासनिक कठिनाइयों के कारण किसी भी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
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संगठन ने राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्रवार हटाए गए नामों का सत्यापित विवरण सार्वजनिक करने, प्रभावित मतदाताओं को सूचना देने और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग उठाई।
ज्ञापन में रखीं आठ प्रमुख मांगें
भारतीय किसान यूनियन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल रहीं:
- निष्पक्ष जांच: विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हटाए गए नामों और अपनाई गई प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
- नामों की बहाली: गलत तरीके से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम समयबद्ध तरीके से पुनः शामिल किए जाएं।
- पारदर्शिता: राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्रवार हटाए गए नामों का सत्यापित विवरण तथा नाम हटाने के कारण सार्वजनिक किए जाएं।
- सुनवाई का अवसर: प्रभावित नागरिकों को कारण जानने, आपत्ति दर्ज कराने और अपील करने की सरल सुविधा मिले।
- वंचित वर्गों को सहायता: किसान, मजदूर, आदिवासी, दलित, पिछड़े और अन्य कमजोर वर्गों के पात्र मतदाताओं को आवश्यक सहयोग दिया जाए।
- जवाबदेही तय हो: जांच में अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- समयबद्ध शिकायत निवारण: नामों की जांच, सुधार, पुनः नामांकन और अपील के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
- निर्वाचन प्रक्रिया में जनविश्वास: मतदाता सूची तैयार करने और संशोधित करने की प्रक्रिया में कानून, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
पुलिस बल रहा तैनात, सैकड़ों कार्यकर्ता रहे मौजूद
किसानों के प्रदर्शन के दौरान मौके पर थाना सेक्टर-39 के निरीक्षक धर्म प्रकाश शुक्ला, एसएसआई लोकेंद्र राणा, सलारपुर चौकी के निरीक्षक शिशुपाल सोलंकी और सेक्टर-98 चौकी के निरीक्षक संगम मिश्रा सहित पुलिस बल तैनात रहा।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष श्रीपाल कसाना, मदन भाटी, सिंहराज गुर्जर, योगेश भाटी, सोमेश भारद्वाज, प्रदीप भाटी, सचिन अवाना, राजा चौधरी, जगत अवाना, अजय गुर्जर, धर्मेंद्र चपराना, बलजीत भड़ाना, बिन्टू और गजेंद्र रेक्सवाल सहित सैकड़ों किसान एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारतीय किसान यूनियन ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में आम लोगों का विश्वास बना रहे।


