एसीईओ को सौंपा ज्ञापन
10% भूखंड, आबादी बैकलीज, अतिरिक्त मुआवजे और रोजगार की मांगों को लेकर किसानों ने तेज किया आंदोलन, गांवों में जनजागरण अभियान शुरू
ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (कृषक) ने 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर प्रस्तावित महापंचायत की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने यमुना प्राधिकरण के एसीईओ मनीष मीना को ज्ञापन सौंपकर किसानों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की।
संगठन के प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर ने कहा कि किसानों की समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन प्राधिकरण की ओर से उनके समाधान पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। किसानों को अपने अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 22 अक्टूबर की महापंचायत के माध्यम से किसानों की मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
संगठन के जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी ने कहा कि किसानों की 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, आबादी की बैकलीज, अतिरिक्त मुआवजा और रोजगार जैसी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों को पूरा कराने के लिए संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि महापंचायत को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के गांवों में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद कर सकें।
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किसान नेताओं ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को उनके अधिकार और उचित लाभ मिलना चाहिए। संगठन ने प्राधिकरण से मांग की कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 22 अक्टूबर की महापंचायत में किसानों की एकजुटता के साथ लंबित मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर, विजय भाटी, प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर, जिलाध्यक्ष विक्रम भाटी, सोविंदर चेची, मनीष शर्मा, दीपक कुमार, यासीन सहित संगठन के अन्य कार्यकर्ता एवं किसान मौजूद रहे।


