भारतीय किसान यूनियन बलराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी के नेतृत्व में अधिकारियों के साथ हुई बैठक, मुआवजा, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, लीज बैक और रोजगार सहित किसानों के मुद्दों पर हुई चर्चा
अधिकारियों ने दीपावली के बाद लंबित समस्याओं पर काम शुरू करने का दिया आश्वासन, संगठन ने कहा—किसानों के हक और सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा
ग्रेटर नोएडा। किसानों की लंबित समस्याओं और विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन बलराज द्वारा 27 अक्टूबर को जीरो पॉइंट से प्रस्तावित दिल्ली कूच को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किसानों की 16 प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने किसानों से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण और समस्याओं के समाधान की दिशा में जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। संगठन ने वार्ता को सकारात्मक बताते हुए अधिकारियों के आश्वासनों के मद्देनजर दिल्ली कूच स्थगित करने का निर्णय लिया।
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भारतीय किसान यूनियन बलराज ने किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर 27 अक्टूबर को दिल्ली कूच का आह्वान किया था। संगठन के अनुसार, आंदोलन की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और इसमें लगभग 8 से 10 हजार किसानों एवं कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना थी। प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने संगठन के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों से वार्ता की तथा किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में बैठक का प्रस्ताव रखा।
प्रशासन के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने प्राधिकरण पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सीओ, एसीओ श्रीमती लक्ष्मी सिंह, ओएसडी श्री गिरीश झा, महाप्रबंधक स्तर के संबंधित अधिकारी तथा एसीपी सेंट्रल श्री राजीव गुप्ता की मध्यस्थता में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
16 प्रमुख मांगों को अधिकारियों के सामने रखा
बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने किसानों की समस्याओं को तथ्यों के साथ रखते हुए कहा कि किसानों ने क्षेत्र के विकास के लिए अपनी उपजाऊ जमीन दी है। ऐसे में विकास योजनाओं में किसानों के अधिकारों, सम्मान और भविष्य की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की लंबित समस्याओं का समाधान केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका लाभ धरातल पर दिखाई देना चाहिए।
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वार्ता में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई गईं—
- 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा: पात्र किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर दिलाने के लंबित मामलों का निस्तारण।
- 10 प्रतिशत विकसित भूखंड: पात्र किसानों को नियमानुसार विकसित भूखंड उपलब्ध कराना।
- 4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत भूखंड: लंबित भूखंड संबंधी प्रकरणों का समाधान।
- लीज बैक के मामले: किसानों की भूमि की लीज बैक से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई।
- भूमि अधिग्रहण कानून के तहत कार्रवाई: भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई।
- अस्पतालों एवं कॉलेजों में छूट: किसानों के बच्चों और परिवारों को अस्पतालों एवं कॉलेजों में 50 प्रतिशत छूट देने की मांग।
- स्थायी रोजगार में प्राथमिकता: क्षेत्र की निजी कंपनियों एवं औद्योगिक इकाइयों में किसानों के बच्चों को रोजगार में प्राथमिकता देना।
- गांवों का समान विकास: प्राधिकरण क्षेत्र के सभी गांवों में समान रूप से विकास कार्य कराना।
- लंबित भूखंड प्रकरण: किसानों के पुराने भूखंड संबंधी मामलों का शीघ्र निस्तारण।
- समस्याओं का समयबद्ध समाधान: लंबे समय से लंबित किसान समस्याओं के निस्तारण के लिए समयसीमा निर्धारित करना।
- विकास योजनाओं में अधिकार: किसानों को विकास योजनाओं में उनका उचित अधिकार एवं लाभ दिलाना।
- अधिग्रहित भूमि के मामले: भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों के लंबित प्रकरणों पर प्रभावी कार्रवाई।
- पात्र किसानों को लाभ: नियमानुसार देय मुआवजा एवं अन्य लाभ उपलब्ध कराना।
- गांवों में बुनियादी सुविधाएं: ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं और विकास कार्यों को गति देना।
- पारदर्शिता एवं जवाबदेही: किसानों से संबंधित प्राधिकरण के लंबित मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करना।
- अन्य लंबित समस्याएं: किसानों की शेष समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करना।
‘किसानों की समस्याओं का समाधान धरातल पर दिखना चाहिए’
राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने अधिकारियों के समक्ष स्पष्ट किया कि किसानों की समस्याओं को केवल आश्वासन देकर टाला नहीं जाना चाहिए। मुआवजा, भूखंड आवंटन, लीज बैक और रोजगार जैसे मुद्दे हजारों किसान परिवारों के भविष्य से जुड़े हैं, इसलिए इन पर गंभीरता से कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन देकर क्षेत्र के औद्योगिक एवं शहरी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए किसानों को उनके अधिकारों और वादों के अनुरूप लाभ मिलना चाहिए। संगठन लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आवाज उठाता रहा है और आगे भी किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
बैठक में प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों से जुड़े लंबित मामलों पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। विशेष रूप से भूखंड आवंटन और लीज बैक से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा अन्य लंबित समस्याओं पर दीपावली के बाद काम शुरू करने की बात कही गई।
सकारात्मक वार्ता के बाद 27 अक्टूबर का दिल्ली कूच स्थगित
वार्ता के बाद भारतीय किसान यूनियन बलराज ने 27 अक्टूबर को जीरो पॉइंट से प्रस्तावित दिल्ली कूच को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया। संगठन ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में हुई बातचीत और अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासनों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन बलराज किसानों के हक, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ता आया है और आगे भी किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन संवाद और संघर्ष, दोनों रास्तों पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। यदि अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासनों के अनुरूप निर्धारित समय में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तो संगठन किसानों के हित में आगामी रणनीति तय करेगा।
उन्होंने किसान भाइयों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
बैठक में ये पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयोजक रेखा सिवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रोहित भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शौकत अली चेची, राष्ट्रीय प्रवक्ता विपिन खारी, उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल भाटी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण चौहान, प्रदेश संगठन मंत्री ब्रह्मचंद्र बैरागी, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेन्द्र कुलेसरा, जिलाध्यक्ष जोगेन्द्र नागर उर्फ खिजजू पहलवान, प्रदेश संगठन मंत्री बिजेंद्र भाटी, जिला कोषाध्यक्ष रतीश पंडित, मेरठ मंडल उपाध्यक्ष शिवराज, यूथ जिलाध्यक्ष सोविंदर भाटी, जिला प्रवक्ता जीतराम भाटी, दादरी तहसील अध्यक्ष मनीष शर्मा तथा प्रदेश महासचिव नवल सिंह सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भारतीय किसान यूनियन बलराज ने दोहराया कि किसानों की मांगों का स्थायी समाधान ही संगठन की प्राथमिकता है। अधिकारियों के आश्वासनों पर आगे की कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी और किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


