उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री ने विद्यार्थियों को नवाचार और उत्पाद-आधारित शोध के लिए किया प्रेरित, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बताया सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
ग्रेटर नोएडा, 24 अक्टूबर 2026। जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (जीएलबीआईटीएम) में शनिवार को संस्थान के आईटीएम भवन में ‘टर्मिनेटर 5.0–2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल एसोसिएशन (आईफेवा) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, औद्योगिक विकास, तकनीकी नवाचार और सतत विकास की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में तेजी से हो रहा बदलाव: नंदी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने उत्तर प्रदेश में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास पर प्रकाश डाला। उन्होंने नोएडा को देश में मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण के प्रमुख केंद्रों में से एक बताते हुए कहा कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। अब केवल दोपहिया और चारपहिया वाहन ही नहीं, बल्कि ट्रक और बसें भी इलेक्ट्रिक तकनीक की ओर बढ़ रही हैं। यह बदलाव कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मंत्री ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में नए अवसरों की पहचान करने और देश के औद्योगिक विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
बैटरी रिसाइक्लिंग और पुनः उपयोग पर शोध की जरूरत
मंत्री नंदी ने विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं से उत्पाद-आधारित अनुसंधान पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग के साथ बैटरियों की रिसाइक्लिंग, पुनः उपयोग और उनके प्रभावी प्रबंधन जैसे विषयों पर शोध करना बेहद आवश्यक है।
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उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जो उद्योगों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में भी सहायक हों। उन्होंने नवाचार और अनुसंधान को देश की औद्योगिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कई क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने की सहभागिता
कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी विभागों, औद्योगिक संगठनों और तकनीकी संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। विशिष्ट अतिथियों में श्री रौनक गुप्ता, डिवीजनल ऑफिसर, सिविल डिफेंस; श्री विशाल चौधरी, निदेशक (वैज्ञानिक ‘एफ’), प्रधानमंत्री के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय (पीएसए), भारत सरकार; सुश्री मर्सी एपाओ, संयुक्त सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार; श्री विंकेश गुलाटी, चेयरपर्सन, ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल; तथा श्री सुधेंदु जे. सिन्हा, नीति आयोग के पूर्व सलाहकार शामिल रहे।
विशेषज्ञों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को तकनीकी, औद्योगिक और नीतिगत दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बनाया। कार्यक्रम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में उभरती संभावनाओं, कौशल विकास और उद्योग-अनुकूल अनुसंधान को प्रोत्साहित करना रहा।
संस्थान ने टीम को दी बधाई
जीएल बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के उपाध्यक्ष श्री पंकज अग्रवाल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने संस्थान में तकनीकी शिक्षा, नवाचार और विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर जीएलबीआईटीएम के निदेशक डॉ. मानस कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मोहित बंसल ने किया।
तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की पहल
‘टर्मिनेटर 5.0–2026’ के माध्यम से विद्यार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की बदलती तकनीक, अनुसंधान की संभावनाओं और भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं से परिचित कराने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को नवीन तकनीकों को समझने और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, ग्रेटर नोएडा, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित तथा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध संस्थान है। संस्थान को नैक के पहले मूल्यांकन चक्र में A+ ग्रेड प्राप्त हुआ है और यह राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) से भी मान्यता प्राप्त है।
कार्यक्रम के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी, बैटरी रिसाइक्लिंग और उत्पाद-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। आयोजन ने तकनीकी शिक्षा को उद्योग की जरूरतों से जोड़ने और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में संस्थान के प्रयासों को रेखांकित किया।


