राष्ट्रपति बनने के बाद पहली विदेश यात्रा के लिए भारत का चयन, बोधगया से शुरू किया दौरा
व्यापार, रेयर अर्थ्स, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, समुद्री एवं साइबर सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
भारत और म्यांमार के बीच पारंपरिक मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करते हुए म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग और भारतीय नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर भारत ने राष्ट्रपति ह्लाइंग द्वारा अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुने जाने को विशेष सम्मान बताया।
बैठक के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि राष्ट्रपति ह्लाइंग ने अपनी यात्रा की शुरुआत भगवान बुद्ध की तपोभूमि बोधगया से की, जो भारत और म्यांमार के बीच गहरे सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों का प्रतीक है।
भारत की प्रमुख नीतियों में म्यांमार की अहम भूमिका
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-म्यांमार संबंधों के विभिन्न आयामों की व्यापक समीक्षा की। इस अवसर पर कहा गया कि म्यांमार, भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी पहले), ‘एक्ट ईस्ट’ तथा इंडो-पैसिफिक नीतियों का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और क्षेत्रीय स्थिरता एवं संपर्क को सुदृढ़ करने में उसकी अहम भूमिका है।
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व्यापार और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर
बैठक में व्यापार, दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ्स), स्वास्थ्य सेवाओं, संपर्क एवं कनेक्टिविटी, विरासत संरक्षण तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने आर्थिक और विकासात्मक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, सीमा-पार सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में निकट समन्वय और सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
साझा समृद्धि और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर करेंगे कार्य
बैठक के अंत में भारत और म्यांमार ने दोनों देशों के साझा हितों, क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया। दोनों देशों ने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और मजबूत साझेदारी से न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और प्रगति को भी गति मिलेगी।
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भारत-म्यांमार मित्रता का नया अध्याय
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों देशों ने भविष्य में भी विश्वास, सहयोग और साझा विकास के आधार पर संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।






