भारतीय किसान यूनियन महासभा ने सौंपा ज्ञापन, किसानों के सम्मान से जुड़ा बताया मामला

भारतीय किसान यूनियन महासभा ने यमुना एक्सप्रेसवे के एक टोल प्लाजा के मैनेजर पर किसान संगठनों और किसान नेताओं के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए गौतमबुद्ध नगर के मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि संबंधित टोल मैनेजर द्वारा किसान संगठनों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों से किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि किसान नेताओं और किसान संगठनों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे किसान समुदाय में व्यापक नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
गीता भाटी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और किसान संगठनों ने हमेशा किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया है। ऐसे में किसी भी अधिकारी द्वारा किसान संगठनों या उनके प्रतिनिधियों के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना अनुचित और निंदनीय है।
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उन्होंने कहा कि यह मामला केवल किसी संगठन विशेष का नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। यदि किसी अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से इस प्रकार की टिप्पणी की जाती है तो इससे समाज में गलत संदेश जाता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा भी प्रभावित होती है।
भारतीय किसान यूनियन महासभा ने मंडलायुक्त से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो किसानों में असंतोष और बढ़ सकता है, जिससे अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। संगठन ने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ मामले का संज्ञान लेकर उचित कदम उठाने की अपील की है।
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