राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए समाज करेगा शक्ति प्रदर्शन
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की बैठक में राष्ट्रीय स्तर पर जनजागरण अभियान चलाने का ऐलान
अखिल भारतीय गुर्जर महासभा 1908 की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक ग्रेटर नोएडा के सेक्टर गामा स्थित महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी के कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक में ‘राष्ट्र की राजनीति और गुर्जर समाज का समावेश’ विषय पर विचार गोष्ठी एवं पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में गुर्जर समाज की भागीदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक सशक्तिकरण, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री चौधरी हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि गुर्जर समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश के विकास और सुरक्षा तक विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बावजूद आजादी के दशकों बाद भी राष्ट्रीय राजनीति में समाज को उसके योगदान के अनुरूप राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दल समय-समय पर गुर्जर समाज का समर्थन तो लेते रहे हैं, लेकिन सत्ता और संगठन में समाज को अपेक्षित भागीदारी देने से पीछे हटते रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार सहित सभी राजनीतिक दलों से गुर्जर समाज को सम्मानजनक राजनीतिक हिस्सेदारी और उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की।
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29 अक्टूबर को दिल्ली में होगा बड़ा शक्ति प्रदर्शन
चौधरी हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि अब समय आ गया है कि गुर्जर समाज अपने राजनीतिक अधिकारों और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व के लिए संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करे। इसी उद्देश्य से 29 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘गुर्जर स्वाभिमान रैली’ आयोजित की जाएगी।
महासभा के पदाधिकारियों के अनुसार, रैली में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में गुर्जर समाज के लोग शामिल होंगे। महासभा ने इसे समाज की राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण मंच बताया।
‘किसी दल का विरोध नहीं, राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक संदेश’
चौधरी हरिश्चंद्र भाटी ने स्पष्ट किया कि यह रैली किसी एक राजनीतिक दल के विरोध में आयोजित नहीं की जा रही है, बल्कि उन सभी राजनीतिक दलों के लिए लोकतांत्रिक संदेश होगी, जो लंबे समय से गुर्जर समाज की राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व की अपेक्षाओं की अनदेखी करते रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि समाज अब सम्मानजनक राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाएगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी आवाज को मजबूती देगा।
‘अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा समाज’
महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी ने कहा कि गुर्जर समाज अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल गुर्जर समाज को संगठन और चुनावी राजनीति में उचित एवं सम्मानजनक प्रतिनिधित्व देगा, समाज उसके साथ लोकतांत्रिक रूप से खड़ा होगा।
उन्होंने बताया कि महासभा की ओर से इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है, ताकि समाज के लोगों को राजनीतिक भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके।
शिक्षा और युवाओं के सशक्तिकरण पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक समावेश, युवाओं का सशक्तिकरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, संगठन की मजबूती और समाज के सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
महासभा ने कहा कि समावेशी लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब समाज के सभी वर्गों को समान अवसर, सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त होगा। बैठक में समाज की एकजुटता और संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरिश्चंद्र भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी, के.पी. कसाना, जयप्रकाश विकल, विनोद नागर, यशवीर नागर, युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष सुंदर चौधरी, महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष रेनू चौधरी, राष्ट्रीय प्रेस प्रवक्ता प्रेमकृष्ण आर्य, राष्ट्रीय महासचिव रामकेश चपराना एवं राजपाल कसाना, राष्ट्रीय सचिव बाबू सिंह आर्य, पंकज रौसा एवं अरुण भाटी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डी.डब्ल्यू. सिंह मुंडन, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष संजय छोकर, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर, उत्तर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुनील भाटी, गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी सहित महासभा के बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन सविंदर भाटी एवं अरुण भाटी ने किया। बैठक के अंत में महासभा ने 29 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘गुर्जर स्वाभिमान रैली’ को सफल बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां तेज करने और समाज के लोगों से व्यापक जनसंपर्क करने का आह्वान किया।






