‘विविधता में एकता ही भारत की ताकत’, बोले सीएम योगी—कलाकार परंपरा और लोक संस्कृति के वाहक
कलाकारों ने जताई अयोध्या-लखनऊ घूमने की इच्छा, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानभवन के बाहर आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के कलाकारों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न राज्यों के कलाकार मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कलाकारों से उत्तर प्रदेश में उनके अनुभव और यहां घूमने की इच्छा के बारे में जानकारी ली। कई कलाकारों ने अयोध्या और लखनऊ घूमने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को उनके भ्रमण की आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
‘कलाकार संस्कृति और परंपरा के वाहक’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। देश के अलग-अलग राज्यों के कलाकार जब एक मंच पर अपनी लोक परंपराओं और संस्कृति को प्रस्तुत करते हैं तो यह ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करता है।
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उन्होंने कहा कि कलाकार केवल गायन, वादन, नृत्य और नाटक प्रस्तुत करने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि वे देश की परंपरा और लोक संस्कृति के वाहक हैं। उनकी प्रस्तुतियों में अतीत की विरासत दिखाई देती है और वही विरासत आने वाली पीढ़ियों को भविष्य के लिए प्रेरणा देती है।
सीएम योगी ने कलाकारों से कहा कि जब भी वे किसी दूसरे राज्य में जाएं तो अपने प्रवास के दौरान थोड़ा अतिरिक्त समय निकालकर वहां के ऐतिहासिक स्थलों, संस्कृति और खान-पान को भी जरूर जानें। इससे देश की विविधता को समझने और आपसी सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
‘बुलडोजर बाबा’ कहने पर मुस्कुराए सीएम योगी
छत्तीसगढ़ के कलाकार कुलभूषण चंद्राकर ने मुख्यमंत्री को बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उन्हें अयोध्या जाने का अवसर मिला था और अब वह नई अयोध्या को देखने के लिए उत्सुक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तब की अयोध्या और आज की अयोध्या में काफी बदलाव आया है।
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कुलभूषण चंद्राकर ने बातचीत के दौरान बताया कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘बुलडोजर बाबा’ के नाम से भी जाना जाता है। इस पर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि कलाकार गा सकते हैं, जबकि वे गा नहीं सकते, लेकिन गलत कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूर कर सकते हैं।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत के लिए एकता और सुरक्षा जरूरी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग एक-दूसरे की संस्कृति से जुड़ेंगे तभी एक भारत-श्रेष्ठ भारत का संकल्प मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि बंगाल से महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी और अरुणाचल प्रदेश से द्वारिका-पुरी तक भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए एकता और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। कलाकारों के माध्यम से देश के अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति और लोक परंपराएं एक-दूसरे तक पहुंचती हैं।
जम्मू-कश्मीर की श्रुति ने जताई श्रीराम मंदिर दर्शन की इच्छा
जम्मू-कश्मीर से पहली बार उत्तर प्रदेश आईं कलाकार श्रुति ने मुख्यमंत्री से अयोध्या जाकर श्रीराम मंदिर के दर्शन करने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने उनकी इच्छा पर सहमति जताते हुए अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले श्रद्धालु भारतीय परंपरा में अतिथि के समान हैं और अतिथि का सम्मान करना हमारा दायित्व है।
हर क्षेत्र और जनपद में होने चाहिए महोत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और जनपदों में स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित महोत्सव आयोजित किए जाने चाहिए। इससे स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा और लोक गाथाएं एवं परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंचेंगी।
उन्होंने अयोध्या का दीपोत्सव एवं रामनवमी, बरसाना का रंगोत्सव, मथुरा की जन्माष्टमी, बुंदेलखंड की आल्हा परंपरा और प्रयागराज के माघ मेले का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोक संस्कृति को नई पहचान देने का कार्य कर रहे हैं।
विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति ने बांधा समां
सांस्कृतिक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने रउफ एवं डोंगरी नृत्य, महाराष्ट्र ने नमन और डिंडी, अरुणाचल प्रदेश ने पराई लोकनृत्य, त्रिपुरा ने डारलॉन्ग, बिहार ने झिंझिया, मध्य प्रदेश ने गुदुमबाजा, गुजरात ने तलवार रास, छत्तीसगढ़ ने रेला पाटा तथा उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने कथक की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी कलाकारों और कोरियोग्राफरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कलाकारों ने उत्तर प्रदेश की व्यवस्थाओं, सुंदरता और उन्हें मिले सम्मान की सराहना की तथा अयोध्या और काशी में दर्शन की व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
समारोह ने राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता, आपसी भाईचारे और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।


