गुर्जर समाज के सम्मान, प्रतिनिधित्व और समावेशी विकास से जुड़े मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा; युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी हुई विस्तृत चर्चा
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की प्रदेश मंत्री एवं दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) की पूर्व सचिव महामेधा नागर ने गुरुवार को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास, 5 कालिदास मार्ग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर गुर्जर समाज से जुड़े सम्मान, प्रतिनिधित्व, शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक विकास के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष 7 सूत्रीय प्रस्ताव-पत्र प्रस्तुत किया।
महामेधा नागर ने मुख्यमंत्री को दिए प्रस्ताव में गुर्जर समाज के योग्य एवं अनुभवी प्रतिनिधि को अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग में रिक्त पद पर नियुक्त किए जाने की मांग रखी। इसके साथ ही वीरांगना धौला गुर्जरी के नाम पर महिला पीएसी वाहिनी के नामकरण तथा गाजियाबाद, बिजनौर अथवा शामली में इसके लिए संभावित स्थान विकसित करने का सुझाव दिया।
प्रस्ताव में गोचर महाविद्यालय, रामपुर मनिहारान (सहारनपुर) तथा मिहिर भोज स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दादरी (गौतम बुद्ध नगर) को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की अनुशंसा भी शामिल है। वहीं 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत कोतवाल धन सिंह गुर्जर और बिजौलिया किसान आंदोलन के नायक विजय सिंह पथिक जैसे राष्ट्रनायकों को औपचारिक सम्मान देने तथा उनके नाम पर स्मृति दिवस घोषित करने का सुझाव दिया गया।
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महामेधा नागर ने गौतम बुद्ध नगर एवं सहारनपुर में छात्रावास स्थापित करने और उनका नामकरण राजा नैन सिंह, जोगराज सिंह गुर्जर एवं प्रताप राव गुर्जर जैसे महापुरुषों के नाम पर करने की बात भी रखी। इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर में शारीरिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया, जहां पूर्व सैनिकों के मार्गदर्शन में युवा सेना, पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों की भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कर सकें।
प्रस्ताव के सातवें बिंदु में गौतम बुद्ध नगर में पंचायत व्यवस्था की पुनर्समीक्षा कर ग्रामीण प्रतिनिधित्व को और अधिक मजबूत किए जाने का सुझाव दिया गया।
युवाओं और महिलाओं के मुद्दों पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री के साथ हुई मुलाकात के दौरान जेन-ज़ी पीढ़ी की आकांक्षाओं, महिला सशक्तिकरण और समाज कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। महामेधा नागर ने कहा कि उनके द्वारा रखे गए प्रस्तावों के केंद्र में युवा और महिलाएं हैं।
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उन्होंने कहा कि छात्रावासों और शारीरिक प्रशिक्षण संस्थान जैसी पहल ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती हैं। वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है।
महामेधा नागर ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति और युवा शक्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। गुर्जर समाज की भावनाओं और अपेक्षाओं को मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखना मेरे लिए गौरव का विषय है। मुझे विश्वास है कि इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार होगा और इससे समाज का शासन के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।”
महामेधा नागर महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के क्षेत्र में सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन अभियान के लिए भी जानी जाती हैं। युवा एवं महिला सशक्तिकरण उनके सार्वजनिक जीवन के प्रमुख कार्यक्षेत्रों में शामिल हैं।


