खेल मैदान बचाओ जनजागरण अभियान बिरौंडी पहुंचा, किसानों ने जताया आक्रोश
बोले ग्रामीण—प्राधिकरण जमीन पहले ही छीन चुका, अब बच्चों का भविष्य नहीं छिनने देंगे; खेल मैदान विरोधी जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार का ऐलान
ग्रेटर नोएडा/जेवर, क्षेत्रीय खेल परिसर सेक्टर-37, ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित हॉकी स्टेडियम के विरोध में चल रहा “खेल मैदान बचाओ” जनजागरण अभियान सोमवार को जेवर विधानसभा क्षेत्र के गांव बिरौंडी पहुंचा। खेल मैदान बचाओ समिति के सदस्यों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर खेल मैदान के मुद्दे पर चर्चा की। इस दौरान ग्रामीणों ने प्राधिकरण की कार्रवाई के प्रति आक्रोश जताते हुए बच्चों और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए एकजुट संघर्ष का संकल्प लिया।
समिति के सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि क्षेत्रीय खेल परिसर में दर्जनों खेलों के साथ-साथ सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए रनिंग ट्रैक भी उपलब्ध है। समिति का आरोप है कि इस मैदान की मौजूदा खेल सुविधाओं को प्रभावित कर हॉकी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। सदस्यों ने सरकारी अभिलेखों के माध्यम से मैदान से जुड़े विभिन्न मामलों और अपनी मांगों को ग्रामीणों के सामने रखा।
दबाव के बाद मैदान खुला, अक्टूबर तक निर्माण कार्य रोकने की जानकारी
खेल मैदान बचाओ समिति के सदस्य सुजीत तिवारी ने कहा कि क्षेत्रवासियों के एकजुट प्रयासों से आंदोलन मजबूत हुआ है। दर्जनों सेक्टरों की आरडब्ल्यूए और क्षेत्र के ग्रामवासी इस मुहिम के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जनदबाव के बाद खेल मैदान का ताला खुला है और बच्चे वापस मैदान में अपनी तैयारियां करने जा रहे हैं।
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समिति के सदस्य रविंद्र रावत ने बताया कि फिलहाल प्राधिकरण ने युवाओं की फिजिकल तैयारियों को ध्यान में रखते हुए अक्टूबर माह तक निर्माण कार्य रोकने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि खेल मैदान पर दोबारा कब्जे या निर्माण की कोशिश हुई तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया।
हॉकी स्टेडियम जीबीयू में शिफ्ट करने की मांग
समिति सदस्य सतेंद्र नागर आर्यबंधु और मुकेश चौधरी ने बताया कि जनजागरण अभियान के दौरान ग्रामीणों ने एकमत होकर हॉकी स्टेडियम को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में वापस शिफ्ट करने की मांग रखी। साथ ही क्षेत्रीय खेल परिसर की यथास्थिति बनाए रखने और वर्तमान में खेले जा रहे खेलों की सुविधाओं के विकास की मांग की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि जो जनप्रतिनिधि खेल मैदान बचाओ समिति की आवाज नहीं सुन रहे हैं, उनके खिलाफ गांव में बहिष्कार का निर्णय लिया जाएगा। समिति ने कहा कि यह अभियान किसी एक गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के युवाओं और खेल प्रतिभाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है।
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ग्रामीण युवाओं ने कहा—मैदान छिना तो हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा
गांव बिरौंडी के युवाओं और युवतियों की ओर से अशोक भाटी ने कहा कि जिस मैदान में हॉकी स्टेडियम बनाने की योजना है, वह ग्रामीण क्षेत्र के हजारों बच्चों और युवाओं के लिए महत्वपूर्ण खेल मैदान है। यहां किशोर और युवा विभिन्न खेलों के साथ सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए दौड़ और फिजिकल अभ्यास करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह ग्रामीण क्षेत्र का अंतिम निःशुल्क खेल मैदान है। यदि यहां हॉकी स्टेडियम का निर्माण होता है और वर्तमान खेल गतिविधियां बंद होती हैं, तो इससे बच्चों और युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने मैदान की मौजूदा सुविधाओं को बचाने की मांग की।
गांव-गांव जारी रहेगा जनजागरण अभियान
खेल समिति के सदस्य इंद्राज नागर और सुंदर भाटी ने कहा कि यदि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्रीय खेल परिसर में हॉकी स्टेडियम बनाने का फैसला वापस नहीं लेता है, तो अलग-अलग गांवों में जाकर जनजागरण अभियान जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीणों और युवाओं को साथ लेकर खेल मैदान बचाने की मुहिम को और मजबूत किया जाएगा।
समिति सदस्य रतीश भाटी ने ग्रामीणों से अपील की कि जो जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को नहीं सुनते, उनका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाए। उन्होंने युवाओं के साथ हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने, 7 तारीख को प्राधिकरण के साथ हुई वार्ता में रखी मांगों को पूरा करने और समिति सदस्यों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की।
खेल मैदान बचाने का संकल्प
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा जमीन अधिग्रहण के बाद अब बच्चों और युवाओं के लिए बची खेल सुविधाओं को समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने खेल मैदान की यथास्थिति बनाए रखने, युवाओं के रोजगार और खेल तैयारियों के लिए सुविधाओं को सुरक्षित रखने तथा सभी संबंधित पक्षों से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की मांग की।
बैठक में मेघ सिंह, प्रमोद मुखिया, सतवीर मुखिया, विजयपाल सिंह, उदयवीर सिंह, भूपेंद्र, नौशर खान, सहाबुद्दीन, महमूद सहित दर्जनों ग्रामीण युवा और खेल मैदान बचाओ समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
समिति का संदेश: खेल मैदान बचाओ, युवाओं का भविष्य बचाओ।


