भाकियू (बलराज) की मासिक बैठक में किसानों के मुद्दों पर बनी आंदोलन की रणनीति, संगठन विस्तार पर भी जोर
4 प्रतिशत व 10 प्रतिशत भूखंड, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, लीज बैक और रोजगार समेत विभिन्न मांगों पर हुई चर्चा
ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (बलराज) की रविवार को राष्ट्रीय कैंप कार्यालय, कैमराला चक्रसैनपुर में मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी बलराज भाटी ने की। बैठक में संगठन के विस्तार, किसानों एवं मजदूरों की समस्याओं तथा आगामी आंदोलन की रणनीति को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में तीनों प्राधिकरणों से जुड़े किसानों के लंबित मुद्दों, 4 प्रतिशत एवं 10 प्रतिशत भूखंड, 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा, 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम, आबादी से जुड़े प्लॉट, लीज बैक, ग्रामों के विकास तथा निजी कंपनियों में क्षेत्रीय किसानों के बच्चों को स्थायी रोजगार दिए जाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने समस्याओं के समाधान को लेकर अपने सुझाव रखे।
समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी बलराज भाटी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (बलराज) किसानों, मजदूरों और आमजन की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से निस्वार्थ भाव से किसानों और मजदूरों की समस्याओं को उठाने तथा उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।
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बलराज भाटी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के कारण क्षेत्र के अनेक किसानों के सामने रोजगार और भविष्य से जुड़ी चुनौतियां पैदा हुई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीनों पर बड़ी इमारतें और निजी कंपनियां स्थापित होने के बावजूद क्षेत्रीय किसानों के बच्चों को स्थायी रोजगार दिए जाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों की लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और निजी कंपनियों में क्षेत्रीय किसानों के बच्चों को स्थायी रोजगार देने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो संगठन आगामी समय में बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर निजी कंपनियों के खिलाफ तालाबंदी, अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तथा दिल्ली कूच जैसे कदम उठाने पर भी विचार किया जाएगा।
संगठन विस्तार के तहत नए पदाधिकारियों की नियुक्ति
बैठक के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अधिक से अधिक किसानों एवं मजदूरों को संगठन से जोड़ने के उद्देश्य से कई कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
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नवनियुक्त पदाधिकारियों में मनीष शर्मा—दादरी तहसील अध्यक्ष, रवि नागर—दादरी तहसील उपाध्यक्ष, लविश नागर—दादरी तहसील महासचिव, अक्षय भाटी—विधि प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गौतमबुद्धनगर, देवदत्त शर्मा—ग्राम उपाध्यक्ष उपरालसी तथा गजब सिंह—ग्राम महासचिव उपरालसी शामिल हैं।
संगठन की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय संयोजक रेखा सिवाल ने कहा कि किसानों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने के साथ-साथ संगठन का विस्तार भी निरंतर जारी रहेगा।
बैठक में वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एडवोकेट ठाकुर विजय प्रताप सिंह, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रोहित भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शौकत अली चेची, भूपेंद्र नागर, जितेंद्र, प्रदेश अध्यक्ष योगेश वैष्णव, जिलाध्यक्ष जोगेंद्र नागर उर्फ खिजजू पहलवान, राष्ट्रीय प्रवक्ता विपिन खारी, प्रदेश प्रवक्ता सौरव भाटी शेरपुर, प्रदेश महासचिव कर्मवीर खारी, प्रदेश संगठन मंत्री ब्रह्मचंद्र बैरागी, प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल भाटी, प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रिजेश भाटी, प्रदेश सचिव प्रवीण चौहान, प्रदेश कोषाध्यक्ष अजीत खारी, जिला कोषाध्यक्ष रतीश पंडित, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष सोविंदर भाटी, बुलंदशहर जिलाध्यक्ष हेमंत पंडित, हापुड़ जिलाध्यक्ष महेश शिशोदिया, गाजियाबाद जिलाध्यक्ष संदीप राणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. खालिद मसूरी, जिला महामंत्री इरशाद नूरपुर, खुर्शीद प्रधान नूरपुर, जिला उपाध्यक्ष मनवर अली सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने, किसानों की समस्याओं को चिन्हित कर शासन-प्रशासन के समक्ष रखने तथा आगामी कार्यक्रमों के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।


