भारतीय किसान यूनियन (कृषक) की प्रेस कांफ्रेंस में किसान हितों से जुड़े कई मुद्दे उठे, 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर विशाल किसान महापंचायत का ऐलान
ग्रेटर नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (कृषक) की ओर से किसानों की विभिन्न समस्याओं एवं लंबित मांगों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कांफ्रेंस में संगठन के पदाधिकारियों ने 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की स्वीकृति का स्वागत करते हुए जनप्रतिनिधियों का आभार जताया। साथ ही किसानों के लिए शेष 4 प्रतिशत भूखंड की मांग को भी जल्द स्वीकृति देने की अपील शासन से की गई।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर ने कहा कि 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर की स्वीकृति किसानों के लिए खुशी की बात है और इसके लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले का दूसरा पहलू यह है कि किसानों के बीच शेष 4 प्रतिशत भूखंड को लेकर अभी भी चिंता और पीड़ा है। संगठन को उम्मीद है कि शासन जल्द ही किसानों के हित में शेष 4 प्रतिशत भूखंड की भी स्वीकृति प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय प्रचार मंत्री विजय भाटी मायचा ने कहा कि किसानों की बैकलीज का मुद्दा करीब 15 वर्षों से लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की नीतियों के कारण इस मामले में अपेक्षित समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित आबादी से जुड़े मामलों का भी जल्द से जल्द निस्तारण किया जाना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि न्यू नोएडा में किसानों को मुआवजे के साथ 10 प्रतिशत भूखंड दिए जाने की मांग को लेकर संगठन जल्द ही जागरूकता अभियान शुरू करेगा और किसानों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह भाटी ने कहा कि वर्ष 1997 से 2001 के बीच जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण हुआ है, उन्हें भी 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर और 10 प्रतिशत भूखंड का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐंच्छर, कासना, हल्दौन और गुजरपुर गांवों के किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड देने की नीति स्वीकृत होने के बावजूद किसानों को अभी तक भूखंड नहीं दिए जाने का मुद्दा लगातार बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि ऐंच्छर गांव के किसानों के 26 रुपये अतिरिक्त प्रतिकर का मामला भी लंबे समय से लंबित है और किसानों को पिछले करीब 30 वर्षों से प्राधिकरण के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। संगठन ने इस मामले का भी शीघ्र निस्तारण करने की मांग की।
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प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर ने बताया कि किसानों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को लेकर अगले दिन एनपीएसएल कार्यालय पर महत्वपूर्ण वार्ता प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों की बिजली समेत अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा।
उन्होंने बताया कि 22 अक्टूबर को यमुना प्राधिकरण पर विशाल किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
प्रेस कांफ्रेंस में राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण नागर, राष्ट्रीय संचार मंत्री विजय भाटी मायचा, प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल नागर, जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह भाटी, आशीष नागर, ललित भाटी, परवीन भाटी, यासीन खान सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।


