80 लाख रुपये के नुकसान का दावा, FIR और विभागीय जांच की मांग; शेष निर्माण पर कार्रवाई रोकने की अपील
दनकौर देहात में पुश्तैनी आबादी की जमीन पर बिना पूर्व सूचना और नोटिस के जेसीबी चलाकर मकान एवं बाउंड्री तोड़े जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की जांच कराने, नुकसान की भरपाई कराने तथा दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।
पीड़ित राजकुमार, आजाद सिंह पुत्रगण स्व. पीतम सिंह तथा अनिल और सुबोध पुत्रगण स्व. गजराज सिंह, निवासी गढ़ी मोहल्ला, दनकौर के अनुसार मामला ग्राम दनकौर देहात के खसरा संख्या 436, रकबा 0.7021 हेक्टेयर एवं खाता संख्या 00135 की पुश्तैनी आबादी भूमि से जुड़ा है। परिवार का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने 28 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।
25 अगस्त को जेसीबी से तोड़फोड़ का आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि 25 अगस्त 2026 को नगर पंचायत दनकौर की चेयरमैन राजवती के पुत्र दीपक समेत कुछ लोगों के कहने पर तहसील एवं नगर पंचायत से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी दो जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे। परिवार का दावा है कि कार्रवाई से पहले उन्हें कोई नोटिस या सूचना नहीं दी गई।
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आरोप है कि जेसीबी से उनके पक्के मकान और पुरानी बाउंड्री को तोड़ दिया गया, जिससे करीब 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पीड़ितों के अनुसार विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया और एक कमरे में बंद कर मोबाइल फोन भी ले लिए गए।
DM के नाम का हवाला देकर डराने का आरोप
पीड़ितों ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें यह कहकर डराया कि “DM साहब मौके पर आई हैं।” बाद में तहसील पहुंचने पर उन्हें जानकारी हुई कि मौके पर मौजूद अधिकारी जिलाधिकारी नहीं बल्कि तहसीलदार थीं।
पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति द्वारा वीडियो बनाए जाने पर उसे भी डराकर वहां से हटा दिया गया। परिवार के मुताबिक गांव के लोगों के मौके पर पहुंचने के बाद जेसीबी और अन्य वाहन वहां से चले गए।
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112 पर कॉल करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
पीड़ितों के अनुसार घटना के दौरान उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन 112 पर भी सूचना दी थी। शिकायत में Event ID P32092605247 और PRB UP32DG 9631 का उल्लेख किया गया है। परिवार का आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने इसे तहसील और नगर पंचायत से संबंधित मामला बताते हुए तत्काल कार्रवाई नहीं की।
एक महीने से अधिक समय से कार्रवाई का इंतजार
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद वे तहसील सदर पहुंचे, जहां उनसे जमीन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। उनका आरोप है कि उन्हें मकान और बाउंड्री दोबारा बनवाने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ और उन्हें लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
परिवार का दावा है कि मकान और बाउंड्री का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा टूट चुका है, जबकि लगभग 10 प्रतिशत निर्माण अभी बचा हुआ है। पीड़ितों ने आशंका जताई है कि शेष निर्माण को भी तोड़े जाने की कार्रवाई हो सकती है।
चुनावी रंजिश का भी लगाया आरोप
पीड़ित परिवार ने नगर पंचायत दनकौर की चेयरमैन राजवती और उनके पुत्र दीपक पर चुनावी रंजिश के चलते कार्रवाई करवाने का आरोप लगाया है। परिवार के अनुसार उनके पुत्र ललित नागर, जो नगर पंचायत दनकौर में कार्यरत थे, को कथित चुनावी रंजिश के कारण नौकरी से हटवाया गया था। पीड़ितों का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते उनकी पुश्तैनी आबादी पर कार्रवाई कराई गई।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
पीड़ितों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी से मांग की है कि—
- मकान एवं बाउंड्री टूटने से हुए करीब 80 लाख रुपये के नुकसान की भरपाई कराई जाए।
- मामले में दोषी लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराकर ADM स्तर के अधिकारी से विभागीय जांच कराई जाए।
- बची हुई करीब 10 प्रतिशत निर्माण पर किसी भी कार्रवाई को तत्काल रोका जाए और परिवार की संपत्ति एवं अधिकारों की जांच कर उचित निर्णय लिया जाए।
पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ हाईकोर्ट की शरण लेने को मजबूर होंगे। परिवार ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।


