रामदेव सिंह रावल के नेतृत्व में किसानों ने रखी अपनी मांग, रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रकरण भेजने का दिया आश्वासन
ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े 44 गांवों के किसानों के 4 प्रतिशत अतिरिक्त आबादी भूखंड के लंबित प्रकरण को लेकर किसान प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। श्री रामदेव सिंह रावल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग, उनके अधिकारों और प्राधिकरण स्तर पर लंबित मामले से रक्षा मंत्री को विस्तारपूर्वक अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रकाश प्रधान ने किसानों का पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि 44 गांवों के किसान लंबे समय से 4 प्रतिशत अतिरिक्त आबादी भूखंड की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से इस मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके चलते उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि किसानों को उनके न्यायसंगत अधिकार दिलाने के लिए शासन स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप किया जाए।
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बोर्ड बैठक के प्रस्ताव और पूर्व पत्राचार का दिया हवाला
किसान प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा मंत्री को प्रकरण से जुड़े पूर्व के प्रस्तावों और पत्राचार की जानकारी भी दी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 133वीं बोर्ड बैठक के मद संख्या 26 में प्रस्ताव पारित होने के बाद पत्र संख्या 1425/2024, दिनांक 19 जनवरी 2024 तथा पत्र संख्या 1463/2024, दिनांक 13 फरवरी 2024 के माध्यम से मार्गदर्शन मांगा गया था। इसके बावजूद किसानों का 4 प्रतिशत अतिरिक्त आबादी भूखंड का मामला अब तक समाधान की प्रतीक्षा कर रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने 22 नवंबर 1997 को तत्कालीन प्राधिकरण द्वारा 10 प्रतिशत आबादी भूखंड से संबंधित प्रस्ताव पारित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों के अधिकारों से जुड़े इस विषय का न्यायसंगत समाधान होना चाहिए। किसानों ने मांग की कि पूर्व में लिए गए निर्णयों, प्रस्तावों और संबंधित पत्राचार को ध्यान में रखते हुए मामले में जल्द ठोस कार्रवाई की जाए।
राजनाथ सिंह ने दिया समाधान के लिए पहल का आश्वासन
केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने किसान प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकरण को शीघ्र ही उनके कार्यालय की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को भेजा जाएगा, ताकि किसानों की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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रक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि अब यह मामला शासन स्तर पर आगे बढ़ेगा और 44 गांवों के किसानों को लंबे समय से लंबित उनके अधिकारों के संबंध में राहत मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की उम्मीद
किसान प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए इस प्रकरण में सकारात्मक और न्यायसंगत निर्णय लेंगे। प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री से वार्ता कर 4 प्रतिशत अतिरिक्त आबादी भूखंड के मामले का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर समरपाल चौहान, बाबूराम भाटी, राव जी, राकेश नम्बदार सहित किसान प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
किसानों ने कहा—अधिकार चाहिए, आश्वासन नहीं
किसान प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि 4 प्रतिशत अतिरिक्त आबादी भूखंड का मुद्दा केवल जमीन आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के अधिकारों और उनसे जुड़े वादों के सम्मान का विषय है। 44 गांवों के किसान लंबे समय से इस मामले के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब चाहते हैं कि शासन स्तर पर पहल कर उनकी मांग पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
किसानों ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय रक्षा मंत्री के हस्तक्षेप और मुख्यमंत्री तक प्रकरण पहुंचने के बाद इस लंबे समय से लंबित मामले के समाधान का रास्ता खुलेगा।


