- भाकियू (भगत सिंह) का प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम, 500 ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच की चेतावनी
- किसानों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 500 ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करेगा भाकियू देवेंद्र सिंह भाटी (GBN एक्स्प्रेस न्यूज संवाददाता ) विज्ञापन के लिए संपर्क करें-9958109866.9716929282
- बेलाखुर्द के किसानों के समर्थन में भाकियू का मोर्चा, प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
- किसानों के अधिकारों को लेकर भाकियू का बिगुल, तीन दिन में समाधान नहीं तो दिल्ली कूच
- किसानों की समस्याओं पर भाकियू सख्त, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
- भाकियू का ऐलान: किसानों को न्याय नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन
- भाकियू ने दी चेतावनी, कार्रवाई नहीं हुई तो दिल्ली की ओर बढ़ेंगे 500 ट्रैक्टर
- किसानों की फसल और कब्जे के मुद्दे पर भाकियू का अल्टीमेटम, आंदोलन की तैयारी तेज

गौतमबुद्धनगर में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (शहीद-ए-आज़म भगत सिंह) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने ग्राम बेलाखुर्द के किसानों के कब्जे एवं मूंग की फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट तथा थाना सूरजपुर प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर किसानों के हित में ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन (शहीद-ए-आज़म भगत सिंह) करीब 500 ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करेगी। संगठन ने कहा कि किसानों की समस्याओं और मांगों को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के समक्ष भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन (शहीद-ए-आज़म भगत सिंह) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन भाटी ने कहा कि किसानों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाना संगठन की प्राथमिकता है। जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
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महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता भाटी ने कहा कि यदि किसानों के साथ न्याय नहीं हुआ तो महिला मोर्चा भी बड़ी संख्या में दिल्ली कूच में शामिल होगा। उन्होंने महिलाओं से भी किसानों के आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया तथा किसानों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने की अपील की गई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
अब किसानों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि समयबद्ध समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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