E20 पर सरकार और सलाहकारों के अलग-अलग दावों पर अखिलेश यादव ने उठाए सवाल, बोले—जनता से सीधे पूछे भाजपा सरकार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और सलाहकारों के अलग-अलग दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार E20 को वाहनों के लिए सुरक्षित बता रही है, जबकि दूसरी तरफ कुछ सलाहकार इसके वाहनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात कह रहे हैं। ऐसे में जनता के सामने स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि E20 से प्रभावित वाहनों को खींचकर ले जाने वाले बाइक और कार चालक सवाल कर रहे हैं कि आखिर सही कौन है—सरकार या सलाहकार। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार बात-बात पर सर्वे कराती है, उसे E20 के परिणाम भुगत रही आम जनता से सीधे संवाद कर वास्तविक स्थिति जाननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि E20 जनता के लिए “दुधारी तलवार” साबित हो रही है, क्योंकि लोगों को महंगे पेट्रोल के साथ-साथ वाहनों की महंगी मेंटेनेंस का भी सामना करना पड़ रहा है।
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ED की कार्रवाई को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने ED की छापेमारी को लेकर भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी विरोधी नीतियों तथा स्कूल बंद किए जाने के मुद्दों के बीच यूनिवर्सिटी बनाने वालों के खिलाफ ED की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई से भाजपा के समर्थकों को संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उनके अनुसार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से जुड़े कई अन्य मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, सत्ता से जुड़े अपराधियों, कोडीन कांड, विभिन्न एक्सप्रेसवे की बदहाल स्थिति, गड्ढायुक्त सड़कें, ग्रीन कॉरिडोर, गिरते पुल, ढहती पानी की टंकियां, टपकती छतें और स्टेशन की दीवार से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।
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उन्होंने भाजपा शासन में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े पुलिसकर्मियों, महाकुंभ में ठेकों से संबंधित कथित अनियमितताओं, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में कथित वित्तीय गड़बड़ियों तथा अस्वीकृत भूमि पर अवैध निर्माण के आरोपों का भी जिक्र किया।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार और दुर्वचनों पर प्रचार की परत चढ़ाकर बड़े पैमाने पर धन के बंटवारे का खेल किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इन कथित मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।


