32 वर्ष की उम्र में तिरंगा फहराकर शहीद हुए गुलाब सिंह लोधी, उनका बलिदान देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत: सीएम योगी
91वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी ने झंडेवाला पार्क में अमर शहीद को दी श्रद्धांजलि, महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करने का संकल्प
लखनऊ, अमर शहीद एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गुलाब सिंह लोधी के 91वें बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अमीनाबाद स्थित झंडेवाला पार्क पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अमर शहीद के अदम्य साहस और देश के लिए दिए गए बलिदान को याद करते हुए उन्हें भारत माता का महान सपूत बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 23 अगस्त 1935 को मात्र 32 वर्ष की आयु में गुलाब सिंह लोधी ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देते हुए इसी झंडेवाला पार्क में तिरंगा फहराया था। उस दौर में तिरंगा देश की आजादी और स्वाभिमान का प्रतीक था। अंग्रेजी हुकूमत ने उनके साहस का जवाब गोलियों से दिया और देश की स्वतंत्रता के लिए वीर सेनानी ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
उन्होंने कहा कि गुलाब सिंह लोधी भले ही शहीद हो गए, लेकिन उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय छोड़ गया। उनके बलिदान के मात्र 12 वर्ष बाद देश ब्रिटिश दासता से मुक्त होकर स्वतंत्र हुआ।
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किसान परिवार में जन्मे थे अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी का जन्म 1903 में उन्नाव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। बचपन से ही उनके भीतर देश की आजादी के प्रति गहरा जज्बा था। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की और लखनऊ आकर देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए उन्नाव में पार्क, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर कर चुकी है। सरकार प्रदेश के सभी अमर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
बलिदानियों के नाम पर किए जा रहे संस्थानों के नामकरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और देश के सम्मान के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले महापुरुषों एवं वीरांगनाओं के सम्मान में प्रदेश में विभिन्न संस्थानों का नामकरण किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम पर अलीगढ़ में स्टेडियम तथा बदायूं में पीएसी की नई बटालियन का नामकरण किया गया है। लखनऊ में पीएसी की महिला बटालियन का नाम वीरांगना ऊदा देवी पासी, गोरखपुर में नवस्थापित पीएसी महिला बटालियन का नाम वीरांगना झलकारी बाई कोरी तथा औरैया के नए मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी महापुरुषों और वीरांगनाओं ने देश की स्वतंत्रता, सम्मान और स्वाभिमान के लिए अपना सर्वस्व बलिदान किया। उनकी स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है।
महापुरुषों की स्मृतियों को संरक्षित करेगी प्रदेश सरकार
सीएम योगी ने कहा कि अमर शहीद गुलाब सिंह लोधी जैसे क्रांतिकारियों ने देश की आन, बान और शान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है। प्रदेश सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर बलिदानियों की स्मृतियों को संरक्षित रखने के लिए स्मारकों एवं पार्कों के निर्माण का कार्य निरंतर आगे बढ़ाएगी।
महापुरुषों के स्मारकों के लिए करीब 500 करोड़ रुपये स्वीकृत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में सामाजिक न्याय और राष्ट्रहित के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महापुरुषों के सम्मान में करीब 500 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इस धनराशि से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, महर्षि वाल्मीकि जी महाराज सहित अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं पर छाजन लगाने, पार्कों के निर्माण एवं उनके संरक्षण से जुड़े कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों और अमर बलिदानियों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का यह क्रम निरंतर जारी रहेगा। उनके त्याग और बलिदान से युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा एवं देशप्रेम की प्रेरणा मिलती रहेगी।


