किसानों का ऐलान—मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा अनिश्चितकालीन धरना
धरने के दूसरे दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरुष किसानों ने भरी हुंकार, प्राधिकरण और शासन से ठोस निर्णय की मांग
ग्रेटर नोएडा। किसान संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के समक्ष चल रहा अनिश्चितकालीन किसान धरना दूसरे दिन भी जोरदार तरीके से जारी रहा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक किसानों की समस्याओं पर ठोस एवं लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने की अध्यक्षता श्रीकृष्ण बैसला ने की, जबकि संचालन संदीप भाटी ने किया।
आश्वासन नहीं, अब चाहिए ठोस निर्णय
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्राधिकरण की ओर से किसानों की समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलनों के दौरान आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन अब किसानों को केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस और लिखित निर्णय चाहिए।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी किसानों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने कहा कि किसान संघर्ष मोर्चा के लगातार आंदोलन के परिणामस्वरूप तीनों प्राधिकरणों से किसानों के 10 प्रतिशत विकसित भूखंड से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन लंबे समय से शासन स्तर पर इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि किसान अब यह जानना चाहते हैं कि उनकी मांगों पर अंतिम निर्णय कब और किस स्तर पर होगा।
किसान एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोरेन प्रधान ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर में लंबे समय से सर्किल रेट में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। इसके कारण किसानों को अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि हाल में मुआवजे में हुई वृद्धि भी किसानों की अपेक्षाओं के अनुरूप पर्याप्त नहीं है और किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
- Advertisement -
विज्ञापन बॉक्स (विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें)
प्रमुख मांगों के समाधान की मांग
किसान नेताओं ने 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, लंबित 6 प्रतिशत विकसित भूखंड, आबादी निस्तारण, लीज बैक तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े अन्य लंबित मामलों का तत्काल समाधान करने की मांग की।
किसानों ने कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए अब सिर्फ मौखिक आश्वासन पर्याप्त नहीं होंगे। शासन और प्राधिकरण को किसानों की मांगों पर स्पष्ट, ठोस और समयबद्ध निर्णय लेना होगा।
धरना स्थल पर किसानों ने एक स्वर में कहा—
“अपना हक लेकर रहेंगे, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।”
किसान नेताओं ने कहा कि जब तक किसानों की प्रमुख मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा और आंदोलन को लगातार मजबूत किया जाएगा।
धरने में जगबीर नंबरदार, उदल आर्य, वीर सिंह नागर, अशोक भाटी, गवरी मुखिया, कुंवर पाल प्रधान, सुभाष आर्य, सपा जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी, इंदर प्रधान, सूले यादव, दुष्यंत सेन सहित बड़ी संख्या में किसान एवं महिलाएं मौजूद रहीं।
मुख्य मांगें
- 10 प्रतिशत विकसित भूखंड का निस्तारण
- लंबित 6 प्रतिशत विकसित भूखंड
- आबादी से जुड़े मामलों का निस्तारण
- लीज बैक संबंधी मामलों का समाधान
- भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण
- किसानों को उचित मुआवजा एवं सर्किल रेट में वृद्धि


