धरनास्थल पर अब तक नहीं पहुंचे यमुना प्राधिकरण के अधिकारी, किसानों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
दनकौर, ग्रेटर नोएडा के डूंगरपुर रीलका गांव में दनकौर अनाज मंडी के समीप किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को 19वें दिन भी जारी रहा। किसानों का आरोप है कि यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारी उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं हैं। धरना शुरू होने के 19 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई अधिकारी किसानों की समस्याएं सुनने के लिए धरनास्थल पर नहीं पहुंचा है। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसान नेता रमेश कसाना ने कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे किसानों को आंदोलन जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को बिल्डर की ओर से साइट पर निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया गया। इसकी जानकारी मिलते ही धरने पर बैठे किसान मौके पर पहुंच गए और विरोध जताते हुए काम रुकवा दिया। किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक बिल्डर को काम नहीं करने दिया जाएगा।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
धरने पर बैठे किसानों ने एकजुट होकर कहा कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक उनकी सभी मांगों पर उचित कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
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किसानों ने यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से मांग की कि वे धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनें और उनका उचित समाधान निकालें, ताकि लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से किसानों को राहत मिल सके।
धरने में सैकड़ों किसानों की भागीदारी
इस मौके पर जयवीर कसाना, ऊधम सिंह, धर्मवीर कसाना, विजय कसाना, देवेंद्र सिंह, करतार सिंह, रामबीर सिंह, हेमराज कसाना, प्रताप खटाना, लक्ष्मण कसाना, रोहित कसाना, राजीव कसाना, सोनू कसाना, पंकज, मोनू कसाना, सतपाल, करण सिंह, रवि कसाना, सरजीत कसाना, धर्मपाल कसाना, संजय शर्मा, मोदी कसाना, राजीव कसाना, सोनू कुमार, विकास कसाना, सरजीत सिंह, पंकज कसाना और पप्पू कसाना सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
किसानों ने दोहराया कि उनकी मांगों का समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।


